अमरोहा के धनौरा से भाजपा विधायक राजीव तरारा की गाड़ी पर हुए हमले ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विधायक ने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश बताया है. आपको बता दें कि 22 फरवरी 2026 की शाम को विधायक राजीव तरारा धनौरा से अमरोहा की ओर जा रहे थे. रेलवे फाटक पर उनकी गाड़ी खड़ी थी, तभी बाइक सवार दो युवकों ने उनकी गाड़ी पर हमला किया. आरोप है कि हमलावरों ने ईंट-पत्थर चलाए और विधायक के गनर से सरकारी हथियार छीनने की भी कोशिश की. मौके पर मौजूद लोगों की मदद से दो आरोपियों, रोहित और प्रदीप को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया.
ADVERTISEMENT
विधायक राजीव तरारा का कहना है कि यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि एक बड़ा षड्यंत्र है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में आरोपियों का वीडियो बनाकर उसे जातीय रंग देने की कोशिश की गई है. विधायक ने इसे माहौल खराब करने की साजिश बताया है. विधायक ने यह भी शिकायत की कि घटना के समय सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब 30-35 मिनट देरी से पहुंची.
ड्यूटी में लापरवाही बरतने और विधायक की सूचना पर देरी से पहुंचने के आरोप में एसएसआई सतीश कुमार, कस्बा इंचार्ज जुगल किशोर और आरक्षी अंशुल कुमार को एसएसपी अमरोहा ने निलंबित कर दिया है. पुलिस ने रोहित और प्रदीप की गिरफ्तारी की पुष्टि की है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में आरोपी रोहित ने दावा किया है कि उसकी बाइक विधायक की गाड़ी से टकराई नहीं थी, फिर भी उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसका हाथ टूट गया.
ADVERTISEMENT









