Crime News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में अपराध का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. एक सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी रहे ग्राम प्रधान प्रहलाद सिंह पिछले 8 दिनों से लापता थे. प्रहलाद सिंह घर पर ये बोलकर गए थे कि वो अहमदगढ़ जा रहे हैं. लेकिन जब देर रात तक उनकी कोई खबर नहीं पता चली तो परेशान घर वालों ने पुलिस से शिकायत की. पुलिस की खोजबीन के दौरान प्रहलाद सिंह का शव रविवार सुबह एक प्लॉट में बरामद हुआ. लेकिन शव की हालत देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई. कातिलों ने कातिलों ने प्रहलाद सिंह की हत्या के बाद उनकी आंखें निकाल ली हैं. साथ ही उनके हाथ-पैर की उंगलियां भी काट डाली हैं. इस घटना के सामने आने के बाद अब लोग सवाल कर रहे हैं कि एक ग्राम प्रधान की किसी से ऐसी क्या दुश्मनी रही होगी कि उनकी इतनी बेरहमी से हत्या कर दी गई.
ADVERTISEMENT
8 दिनों के बाद इस हाल में मिली बॉडी
65 वर्षीय प्रहलाद सिंह बुलंदशहर कलेक्ट्रेट से प्रशासनिक अधिकारी के पद से रिटायर हुए थे. वह फिलहाल छतारी थाना क्षेत्र के गांव समसपुर के प्रधान थे. 7 फरवरी की सुबह प्रहलाद सिंह सुबह अपने घर आवास विकास कॉलोनी से अहमदगढ़ जाने के लिए निकले थे. 8 फरवरी तक वह घर नहीं लौटे तो काफी समय तक उन्हें खोजने के बाद परिजनों ने कोतवाली नगर में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई. इस दौरान पुलिस को एक फुटेज मिला जिसमें प्रहलाद सिंह अपने पड़ोसी की बाइक पर बस स्टैंड जाते और वहां से अहमदगढ़ की बस में बैठते दिखे. लेकिन उसके बाद वह कहां गायब हुए यह रहस्य बना रहा.
आंखें निकालकर काटी गईं हाथ-पैर की उंगलियां
इस घटना के 8 दिन बाद यानी रविवार की सुबह 15 फरवरी को सलेमपुर थाना क्षेत्र के चितसौंन गांव के पास एक विकसित हो रही कॉलोनी के प्लॉट में उनका शव मिला. शव की हालत देखकर पुलिस और ग्रामीण सन्न रह गए. मृतक के बेटे हरवीर सिंह ने जो आरोप लगाए हैं वो दहलाने वाले हैं. प्रहलाद सिंह के बेटे हरवीर ने कहा कि 'मेरे पिता की हत्या बहुत क्रूरता से की गई है. उनकी दोनों आंखें निकाल ली गई हैं. हाथ और पैरों की उंगलियां काट दी गई हैं और सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया है. यह सब प्रधानी की रंजिश में हुआ है.'
पुलिस की थ्योरी और उठते सवाल
घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक शंकर प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. हालांकि इस मामले ने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर भी कई सवालिया निशान लगा दिए हैं. इस घटना की क्रूरता को देखते हुए ये साफ पता चल रहा है कि ग्राम प्रधान प्रहलाद सिंह की किसी से भीषण दुश्मनी रही होगी. फिलहाल अपर पुलिस अधीक्षक शंकर प्रसाद ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या के सही समय और कारणों का खुलासा होगा. पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं और दावा किया जा रहा है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
ADVERTISEMENT









