गोरखपुर में ताल रिंग रोड फेज-2 का अभी कैसा है हाल, सीएम योगी ने लिया पूरा जायजा

Yogi Adityanath Gorakhpur Visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर में निर्माणाधीन ‘ताल रिंग रोड फेज-2’ परियोजना का निरीक्षण कर गुणवत्ता और चौड़ाई को लेकर सख्त निर्देश दिए. लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत से मोहद्दीपुर से सहारा स्टेट तक 4.02 किमी लंबी सड़क और रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है.

यूपी तक

• 01:27 PM • 16 Feb 2026

follow google news

Yogi Adityanath Gorakhpur Visit: सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर को एक और बड़ी सौगात की ओर कदम बढ़ाते हुए निर्माणाधीन 'ताल रिंग रोड फेज-2' परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया. रामगढ़ताल के किनारे बन रही इस सड़क को लेकर सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और सड़क का कोई भी हिस्सा संकरा (कंजेशन वाला) नहीं रहना चाहिए.

यह भी पढ़ें...

42 करोड़ का प्रोजेक्ट: मोहद्दीपुर से सहारा स्टेट तक का सफर होगा सुहाना

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की देखरेख में बन रही यह परियोजना शहर की कनेक्टिविटी और पर्यटन के लिहाज से बेहद अहम है. लगभग 42 करोड़ रुपये की कुल लागत से R.K.B.K. (मोहद्दीपुर) से सहारा स्टेट तक 4.02 किलोमीटर लंबी सड़क और रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है. इसमें 13.33 करोड़ रुपये की लागत से सड़क किनारे ड्रेन, एयरवाल्व चैंबर और मेनहोल की ऊंचाई बढ़ाने जैसे कार्य भी शामिल हैं. 

सीएम योगी ने ले-आउट और ड्राइंग मैप का बारीकी से निरीक्षण किया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क के शुरुआती पॉइंट या कहीं भी रास्ते में कोई अवरोध या संकुचन नहीं होना चाहिए. ड्रेनेज सिस्टम ऐसा हो कि सड़क पर पानी जमा न हो. इसके लिए आस-पास के सभी नालों को 'टैप' करने और नालों को ढकने की हिदायत दी गई. R.K.B.K. की तरफ से सड़क के समीपवर्ती एरिया को पूरी तरह व्यवस्थित और सुंदर बनाने को कहा गया है.

नई जेटी और पर्यटन का विस्तार

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री उस स्थल पर भी पहुंचे जहां एक नई जेटी (Jetty) का निर्माण प्रस्तावित है. सहारा इस्टेट के पास बनने वाली यह जेटी रामगढ़ताल के पर्यटन आकर्षण को और बढ़ाएगी. अफसरों ने सीएम को आश्वस्त किया कि रिंग रोड का निर्माण कार्य मई 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा. विकास कार्यों का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी धार्मिक परंपरा का निर्वहन भी किया. उन्होंने प्रसिद्ध झारखण्डी महादेव मन्दिर और मुक्तीश्वरनाथ मन्दिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की. इस अवसर पर स्थानीय सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

यह भी पढ़ें: यूपी में 98 फीसदी से ज्यादा बच्चों की न्यूट्रीशन मैपिंग हुई, दिखाई दिए ये शानदार नतीजे