आजमगढ़ कांड के वो 2 पंडित कौन थे? जो पूजा कराने घर पहुंचे और फिर अरविंद सिंह ने उन्हें मार डाला

राजीव कुमार

• 09:43 AM • 23 Sep 2026

आजमगढ़ में एक पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि चार लोगों की जान चली गई. आरोपी अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी, अपने 10 साल के बेटे और पूजा कराने पहुंचे दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी.

Akhilesh Mishra and Mahendra Pathak

Pt. Akhilesh Mishra and Pt. Mahendra Pathak (File Photo)

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Azamgarh Murder Case: आजमगढ़ में एक पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि चार लोगों की जान चली गई. आरोपी अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी, अपने 10 साल के बेटे और पूजा कराने पहुंचे दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक पुजारियों की पहचान अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक के रूप में हुई है. गोली मारने के बाद अरविंद सिंह अपने तीन बच्चों को लेकर घर के अंदर बंद हो गया. करीब 8 घंटे तक चले बंधक संकट के बाद पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल कर घर में एंट्री की. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद सिंह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई. इस पूरी खौफनाक घटना में जान गंवाने वाले दोनों पुजारियों की पहचान और उनके गांव से जुड़ी जानकारी सामने आई है.

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कौन थे अखिलेश मिश्रा?

घटना में मारे गए पहले पुजारी की पहचान अखिलेश मिश्रा के रूप में हुई है. वह कितौना भटौली के रहने वाले थे. जानकारी के मुताबिक अखिलेश मिश्रा पूजा कराने के सिलसिले में अरविंद सिंह के घर पहुंचे थे. इसी दौरान पूजा को लेकर विवाद हुआ और देखते ही देखते मामला खूनी घटनाक्रम में बदल गया. इसी दौरान अखिलेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

पटखौली के रहने वाले थे महेंद्र पाठक

इस घटना में जान गंवाने वाले दूसरे पुजारी की पहचान महेंद्र पाठक के रूप में हुई है. वह पटखौली के निवासी थे. सामने आई जानकारी के अनुसार महेंद्र पाठक भी पूजा के सिलसिले में अरविंद सिंह के घर पहुंचे थे. पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई.

पूजा कराने पहुंचे थे, लेकिन नहीं लौट सके

इस घटना में अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक की मौत ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया. पूजा के दौरान विवाद के बाद आरोपी ने पहले अपनी पत्नी और दोनों पुजारियों की हत्या की. इसके बाद उसने अपने 10 साल के बेटे को भी गोली मार दी और तीन बच्चों को घर के अंदर लेकर खुद को बंद कर लिया.

करीब 7 घंटे तक पुलिस आरोपी को समझाती रही और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करती रही. लेकिन अचानक घर के अंदर से फायरिंग की आवाज आने के बाद पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया और घर में प्रवेश किया. इसके बाद हुई जवाबी फायरिंग में अरविंद सिंह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई. वहीं तीनों बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया.