उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव में समाजवादी पार्टी के विधायकों का आंकड़ा भले ही थोड़ा कम हो, लेकिन पार्टी तीन सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है. इनमें वर्तमान राज्यसभा सदस्य प्रोफेसर रामगोपाल यादव और पिछले चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी रहे पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन को फिर प्रत्याशी बनाया जा सकता है. जबकि तीसरे प्रत्याशी के सहारे सपा अपने पीडीए समीकरण का संदेश देने पर विचार कर रही है. पिछले चुनाव में क्रास वोटिंग से लगे झटके से सबक सीखकर अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की भी चुनौती है.
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सपा बना रही ये प्लान
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए इस बार 37.9 (प्रथम वरीयता) मत की जरूरत होगी. वर्तमान में सपा के विधायकों की संख्या 101 है, जबकि दो विधायक उसके गठबंधन की कांग्रेस पार्टी के हैं. इससे आंकड़ा 103 पहुंचता है. मगर सपा के विधायकों की संख्या में पूजा पाल सहित चार नाम ऐसे भी हैं, जिन्होंने पूर्व के चुनाव में भाजपा का साथ दिया था. ऐसे में सपा दो प्रत्याशियों को अपने दम पर जिताने की स्थिति में हैं. लेकिन तीसरे प्रत्याशी के लिए उसे अतिरिक्त मतों की जरूरत पड़ेगी. इसके लिए पार्टी साल 2024 के राज्यसभा चुनाव के अनुभव पर रणनीति बना रही.
MLC चुनाव के लिए भी सपा तैयार!
राज्यसभा चुनाव के साथ सपा विधान परिषद सदस्य की 11 सीटों पर भी दम दिखाने को तैयार है. पार्टी शिक्षक खंड के छह और स्नातक खंड के पांच पदों पर पहले ही प्रत्याशी घोषित कर चुकी है और लंबे समय से सभी उम्मीदवार चुनावी तैयारी में जुटे हैं. चुनाव की घोषणा के बाद पार्टी ने संगठन को जीत के लिए पूरी तरह सक्रिय होने के भी निर्देश दिए हैं.
कौन-कौन हैं सपा के प्रत्याशी?
जिन 11 सीटों पर चुनाव होने जा रहा है, उनमें से वर्तमान में तीन सीटें सपा के पास हैं. पार्टी ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर-फैजाबाद से कमलेश, वाराणसी-मीरजापुर से लाल बिहारी यादव, बरेली-मुरादाबाद से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर, लखनऊ से सुशील कुमार पटेल, मेरठ-गाजियाबाद से नितिन कुमार तोमर और to आगरा अलीगढ़ से डा. प्रकाश चंद्र गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ से कांति सिंह, वाराणसी से आशुतोष सिन्हा, इलाहाबाद-झांसी से ज. मान सिंह यादव, आगरा से शशांक यादव और मेरठ-सहारनपुर से प्रमेद भाटी प्रत्याशी है.
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