NEET पेपर लीक पर नहीं थम रहा बवाल, जंतर-मंतर से CJP के आशुतोष रांका ने कर दिया ये बड़ा दावा...

यूपी तक

• 12:37 PM • 23 Jul 2026

Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच CJP नेता आशुतोष शंकर ने कहा कि युवा अब अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं. उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, प्रदर्शन जारी रहेगा.

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Jantar Mantar Protest: नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है. प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे. इसी बीच CJP मंच से जुड़े आशुतोष रांका ने यूपी तक से बातचीत में कहा कि देश का युवा अब जाग चुका है और अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर आया है. उन्होंने दावा किया कि छात्रों में अब डर नहीं है और वे अपनी मांगों को लेकर मजबूती से खड़े रहेंगे.

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'युवा जाग चुका है, अब अपने हक के लिए लड़ेगा'

जंतर-मंतर पर बातचीत के दौरान आशुतोष रांका ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में आंदोलन की तस्वीर काफी बदल गई है. उन्होंने कहा कि अब यह साबित हो चुका है कि देश का युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहा है.

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बातचीत के बजाय प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और सरकार इस मुद्दे को टालने की कोशिश कर रही है.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र

CJP नेता ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से छात्रों की एक ही मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए. उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री के मामले में कोई बीच का रास्ता नहीं होता, या तो वे पद पर रहेंगे या फिर हटाए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर स्पष्ट फैसला लेना चाहिए. अगर सरकार उन्हें नहीं हटाती है तो छात्रों को आगे की रणनीति तय करने का मौका मिलना चाहिए.

सरकार से बातचीत पर क्या बोले प्रदर्शनकारी?

आशुतोष रांका ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से बातचीत की पहल की गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है.उन्होंने दावा किया कि सरकार पर दबाव जरूर है, लेकिन वह इस मामले को टालने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान ही पीछे से प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की जा रही थी.

फोन विवाद पर दी सफाई

जेपी नड्डा से मुलाकात के दौरान फोन छीने जाने के आरोप और वायरल तस्वीरों पर आशुतोष रांका ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि मीटिंग के दौरान एक समय के लिए उनके पास फोन नहीं थे, लेकिन बाद में फोन वापस मिलने के बाद उन्होंने मीडिया को बातचीत की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही तस्वीरें बाद की मीटिंग की हैं और उन्हें गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.

विजेता दहिया को लेकर भी दिया बयान

प्रदर्शन से जुड़े विजेता दहिया के बाहर होने के सवाल पर आशुतोष रांका ने कहा कि कुछ वीडियो सामने आए थे, जो आंदोलन की छवि के लिए ठीक नहीं थे. इसके बाद सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया. उन्होंने विजेता दहिया के करीब 50 दिनों तक आंदोलन से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद भी दिया.

हिंसा को लेकर प्रदर्शनकारियों की अपील

मीडिया कर्मियों के साथ कथित बदसलूकी और हिंसा के मामलों पर आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन में हिंसा की कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर किसी को मीडिया से असहमति है तो वह बातचीत कर सकता है, लेकिन किसी के साथ धक्का-मुक्की या मारपीट करना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि आंदोलन गांधी और अंबेडकर के विचारों पर आधारित है और इसे शांतिपूर्ण तरीके से ही चलाया जाएगा. उन्होंने मीडिया से जुड़े लोगों से हुई घटनाओं पर माफी भी मांगी और कहा कि इस तरह की घटनाएं आंदोलन के उद्देश्य को नुकसान पहुंचाती हैं.

चंद्रशेखर आजाद के समर्थन का किया स्वागत

आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद के समर्थन पर आशुतोष रांका ने कहा कि जो भी युवा और छात्रों के मुद्दों के लिए आवाज उठा रहा है, उसका स्वागत है. उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद लगातार इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.

'धर्मेंद्र प्रधान हटेंगे तभी खत्म होगा आंदोलन'

आशुतोष रांका ने साफ कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पूरी नहीं होती. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसी भी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगर गिरफ्तारी होती है या कोई कानूनी कार्रवाई होती है, तब भी वे अपने मुद्दे से पीछे नहीं हटेंगे.

जंतर-मंतर पर लगातार जुटे हैं छात्र

बता दें कि जंतर-मंतर के अलावा आसपास के इलाकों में भी बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता मौजूद हैं. प्रदर्शनकारी गर्मी, बारिश और तमाम परेशानियों के बावजूद अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं.

छात्रों की मुख्य मांगों में पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है. फिलहाल यह आंदोलन लगातार जारी है और अब सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे होने वाली बातचीत पर है.