Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है. 20 जुलाई को हुए घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई के बाद अब प्रदर्शन स्थल पर उस दिन की यादें भी दिखाई दे रही हैं. प्रदर्शनकारियों ने भगदड़ के दौरान छूटे जूते-चप्पल, चश्मे, कैप और पानी की बोतलों को एक जगह जमा कर रखा है और इसे आंदोलन की निशानी बता रहे हैं.
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20 जुलाई की घटना के निशान संभालकर रखे गए
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल के पास बड़ी संख्या में जूते-चप्पल और अन्य सामान दिखाई दे रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये वही सामान है जो 20 जुलाई को हुई भगदड़ के दौरान छात्रों का छूट गया था. उनका दावा है कि पुलिस कार्रवाई के बाद कई छात्र घायल हुए और जल्दबाजी में अपना सामान वहीं छोड़कर चले गए.
प्रदर्शनकारी साहिल ने कहा कि जैसे जलियांवाला बाग की दीवारों पर गोलियों के निशान आज भी उस घटना की याद दिलाते हैं, वैसे ही जंतर-मंतर पर रखे गए ये जूते-चप्पल उस दिन की घटना का प्रतीक हैं.
प्रदर्शनकारियों का आरोप- छात्रों पर हुई कार्रवाई
CJP के नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर साहिल ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया. उन्होंने कहा कि कई छात्र बेहतर भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर घर से निकले थे, लेकिन उन्हें चोटें आईं. उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य को लेकर है.
जंतर-मंतर पर बढ़ रही भीड़
प्रदर्शन स्थल पर लगातार छात्रों और समर्थकों की भीड़ जुट रही है. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, जंतर-मंतर के बाहर संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और जनपथ की तरफ भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं. 20 जुलाई की घटना के बाद खाली कराया गया मंच अब दोबारा तैयार किया गया है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं.
बातचीत के लिए सरकार को दिया संदेश
सरकार की ओर से बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कही गई है, लेकिन CJP की ओर से कहा गया है कि अब बातचीत प्रदर्शन स्थल पर ही होगी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत तीन मांगों पर अड़े छात्र
प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगें दोहराई हैं:
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
NEET विवाद से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता
सोनम वांगचुक की रिहाई
CJP कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन मांगों को पूरा किए बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा.
मीडिया से बदसलूकी पर जताई नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान कुछ मीडिया कर्मियों के साथ कथित बदसलूकी के सवाल पर साहिल ने कहा कि हिंसा किसी भी स्थिति में सही नहीं है. उन्होंने समर्थकों से अपील की कि अगर किसी मीडिया रिपोर्ट से असहमति है तो बातचीत के जरिए अपनी बात रखें, लेकिन किसी के साथ दुर्व्यवहार न करें. उन्होंने कहा कि हर पत्रकार एक जैसा नहीं होता और मीडिया के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए.
पुलिस बल की तैनाती जारी
जंतर-मंतर पर अभी भी पुलिस और आरएएफ के जवान तैनात हैं. प्रदर्शन स्थल पर टूटे बैरिकेड, फटे बैनर, टूटी कुर्सियां और अन्य सामान 20 जुलाई की घटना की तस्वीर पेश कर रहे हैं. फिलहाल CJP का प्रदर्शन जारी है और अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है कि छात्रों की मांगों को लेकर क्या फैसला लिया जाता है.
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