ओम प्रकाश राजभर को अखिलेश यादव ने जमकर सुनाते हुए कहा- एडवांस लेने वाले अपनी पार्टी की चिंता करें

ओम प्रकाश राजभर ने सपा सांसदों के टूटने का दावा किया है. राम गोपाल यादव ने अमित शाह से मुलाकात की और आरोप लगे हैं कि कुछ सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं. अखिलेश यादव ने आरोपों का खंडन किया है और पार्टी की एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया है.

यूपी तक

• 07:50 PM • 17 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस वक्त एक ऐसा भूचाल आया है जिसने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक का सियासी पारा गर्मा दिया है. सुबह-सवेरे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक ऐसा ट्वीट किया जिसने समाजवादी पार्टी के खेमे में खलबली मचा दी. राजभर का दावा है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर एक 'सीक्रेट चिट्ठी' सौंपी है. इस चिट्ठी के बदले सपा के 25 सांसदों की फौज बीजेपी में शामिल होने को तैयार है. अब जैसे ही राजभर ने ये बात कही यूपी Tak की टीम ने तुरंत चाचा को पकड़ लिया. फिर क्या था अखिलेश यादव से लेकर घोसी के सांसद राजीव राय तक सब मैदान में कूद पड़े हैं. आइए जानते हैं क्या है ये चिट्ठी कांड और इस पर छिड़ा पूरा घमासान.

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खनन घोटाला और अखिलेश को बचाने का सौदा

यूपी Tak से बातचीत करते हुए सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि सपा में अब तक की सबसे बड़ी टूट होने जा रही है.

राजभर ने तंज कसते हुए कहा 'रामगोपाल जी ने गृह मंत्री अमित शाह जी को एक चिट्ठी थमाई है. उस चिट्ठी में क्या लिखा है पता है? उसमें लिखा है कि सीबीआई ने एफआईआर में खनन घोटाले में जो अखिलेश जी का नाम डाला है, उससे उन्हें बचाना है. इसके अलावा गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में परिवार के लड़कों और शिवपाल जी का नाम बचाना है. इसके एवज में ये फला-फला 25 सांसद हैं जिन्हें हम आपके साथ भेजने को तैयार हैं. वे अपनी जान बचा रहे हैं और सपा छोड़ रहे हैं. हमें जितनी जरूरत है, उससे ज्यादा सांसद टूटेंगे.'

राजभर ने तो बागी बलिया के चर्चित सपा सांसद सनातन पांडे का नाम भी इस लिस्ट में ले लिया जो सीधे डीएम को हड़का देने के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, अभी तक सनातन पांडे की तरफ से इस पर कोई जवाब नहीं आया है.

एडवांस लेने वाले अपनी पार्टी की चिंता करें-अखिलेश यादव का तीखा पलटवार

राजभर के इस बड़े हमले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी सीधा सपाट और तीखा जवाब दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर राजभर पर टिकट के नाम पर पैसे लेने का बड़ा आरोप मढ़ दिया. अखिलेश यादव ने लिखा 'भविष्यवाणी करने वाले अपनी पार्टी की भविष्यवाणी करें कि उन्हें भाजपा 75 सीटें दे रही है, 50 सीटें दे रही है या सिर्फ आश्वासन. इन्होंने भाजपा गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाकर जिन टिकटार्थियों से पैसे एडवांस में लिए हैं अब वो लोग इन्हें बाजार में ढूंढ रहे हैं.'

बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब अखिलेश से दोबारा पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा 'जो डर जाएगा, वो चला जाएगा. हमें बहादुर लोगों की जरूरत है. अगर बीजेपी से मुकाबला करना है तो बहादुर लोगों की टीम होनी चाहिए.'

बाप-बेटा तीनों मिलकर बकैती करते हैं-सांसद राजीव राय का हमला

घोसी लोकसभा चुनाव में राजभर के बेटे को पटखनी देने वाले सपा के दिग्गज नेता और नवनिर्वाचित सांसद राजीव राय भी इस विवाद में पूरी तरह फॉर्म में नजर आए. उन्होंने राजभर परिवार पर तंज कसते हुए इसे एक बीमारी करार दिया. राजीव राय ने कहा 'मैंने तो घोसी के चुनाव में ही बोल दिया था कि इन्हें बकबकाइटिस की बीमारी है. अब उसका हमारे पास कोई इलाज नहीं है. ये तीनों बाप-बेटा मिलकर बकैती करते हैं और समाज में प्रदूषण फैलाते हैं. जनता को इन्हें सीरियसली लेने की कोई जरूरत नहीं है.'

राजभर का पलटवार

अखिलेश यादव और राजीव राय के हमलों के बाद ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर सपा प्रमुख को टैग करते हुए एक्स (X) पर पोस्ट दाग दिया. राजभर ने लिखा 'अरे अखिलेश यादव जी! अभी तो मैंने रामगोपाल यादव जी की सिर्फ चिट्ठी का जिक्र किया है. अगर मैंने खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट के पापियों का नाम सार्वजनिक लिख दिया तो यूपी की राजनीति में भूचाल आ जाएगा. समूचा उत्तर प्रदेश जानता है कि लाल टोपी वाले भ्रष्टाचारियों का मास्टरमाइंड कौन है और किसे बचाने के लिए रामगोपाल यादव ये समझौता और सौदा कर रहे हैं. मुझे सब मालूम है.'

क्या वाकई होगी बड़ी टूट? केशव मौर्य के दावे ने बढ़ाई धड़कनें

इस पूरे विवाद के बीच यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान भी राजभर के सुर में सुर मिलाता दिख रहा है. केशव मौर्य ने भी दावा किया है कि सपा के 25 सांसद उनके संपर्क में हैं और 2027 के चुनाव से पहले वे खुद-ब-खुद टूट जाएंगे.