पुणे के तोलानी मैरीटाइम इंस्टीट्यूट में बस्ती जिले के रहने वाले बीटेक छात्र विशाल वर्मा संस्थान की घोर लापरवाही की भेंट चढ़ गए. खेल के मैदान में एक जर्जर और जंग लगा लोहे का पोल अचानक विशाल के सिर पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. आरोप है कि लाखों की फीस वसूलने वाले इस नामी कॉलेज में आपातकालीन स्थिति के लिए एम्बुलेंस तक की सुविधा मौजूद नहीं थी.
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40 मिनट का संघर्ष और सिस्टम की बेरुखी
प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार के अनुसार, हादसे के बाद विशाल लगभग 40 मिनट तक मैदान में ही तड़पते रहे, लेकिन कॉलेज प्रशासन उन्हें समय पर अस्पताल पहुँचाने में नाकाम रहा. सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आलम यह था कि जिस पोल से यह हादसा हुआ, वह लंबे समय से जर्जर अवस्था में था. छात्रों का कहना है कि उन्होंने पहले भी खराब उपकरणों की शिकायत की थी, लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. अंततः समय पर इलाज न मिलने के कारण विशाल ने दम तोड़ दिया.
'बेटे के साथ सपने भी मर गए', पिता का छलका दर्द
विशाल एक मेधावी छात्र थे और अपने सुनहरे भविष्य के सपने लेकर पुणे आए थे. उनकी मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है. विशाल के पिता भावुक होकर कहते हैं कि उन्होंने अपने बेटे को बड़े अरमानों से पढ़ाया था, लेकिन कॉलेज की लापरवाही ने उनकी दुनिया उजाड़ दी. परिजनों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन केवल कागजों पर सुरक्षा के नियम चलाता है, जबकि हकीकत में छात्रों की जान जोखिम में है.
सुरक्षा ऑडिट और जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल
इस हृदयविदारक घटना ने शिक्षण संस्थानों के सुरक्षा ऑडिट पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. साथी छात्रों और परिजनों ने मांग की है कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. यह मामला साफ तौर पर दर्शाता है कि कैसे भारी-भरकम फीस लेने वाले संस्थान बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं के मामले में लापरवाह साबित हो रहे हैं. परिवार का कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा भी अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि फिर किसी और का 'विशाल' इस तरह की अव्यवस्था का शिकार न बने.
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