मिर्जापुर में 15 दिन पहले हुआ था पीपा पुल का उद्घाटन, अब गंगा में डूबा आधा हिस्सा

मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में उद्घाटन के 15 दिन बाद ही पीपा पुल गंगा में धंस गया. विधायक रत्नाकर मिश्रा ने PWD अधिकारियों को फटकारा. श्रद्धालुओं को हो रही भारी परेशानी.

यूपी तक

• 06:57 PM • 03 Apr 2026

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मिर्जापुर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर विंध्याचल धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की राह आसान करने के लिए बनाया गया पीपा पुल अपनी गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है. 18 मार्च को स्थानीय भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा द्वारा बड़े धूमधाम से उद्घाटित यह पुल पखवाड़े भर के भीतर ही जवाब दे गया. हरसिंहपुर से विंध्याचल को जोड़ने वाले इस पुल का एक हिस्सा गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ पानी में डूब चुका है.

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बालू के ऊपर लोहे की पटरी: लापरवाही का बड़ा खेल

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने पुल निर्माण में भारी कोताही बरती है. बताया जा रहा है कि जहां गंगा की गहराई अधिक थी, वहां नीचे लोहे का पीपा (प्लाटून) लगाने के बजाय सिर्फ बालू के ऊपर लोहे की पटरी डाल दी गई थी. जैसे ही गंगा का जलस्तर थोड़ा बढ़ा, नीचे की बालू बह गई और पुल का बीच का हिस्सा ताश के पत्तों की तरह धंस गया. सोशल मीडिया पर इस लापरवाही का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

घुटने भर पानी में चलने को मजबूर श्रद्धालु

पुल धंसने के बाद स्थिति यह है कि दर्शनार्थियों को घुटने भर पानी में उतरकर गंगा पार करनी पड़ रही है. बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह सफर बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है. विभाग ने अपनी साख बचाने के लिए आनन-फानन में रात के अंधेरे में मरम्मत कार्य तो शुरू किया, लेकिन तकनीकी खामियां अब भी बरकरार हैं, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर संकट बना हुआ है.

विधायक रत्नाकर मिश्रा का रौद्र रूप, अधिकारियों को फटकार

अपनी ही सरकार के कार्यकाल में बने पुल की इस दुर्दशा पर भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है. विधायक ने फोन पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की क्लास लगाते हुए तत्काल प्रभाव से पुल को मजबूती के साथ दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. स्थानीय निवासी रामचंद्र निषाद के अनुसार, निर्माण के समय ही दी गई चेतावनियों को अधिकारियों ने अनसुना कर दिया था.