सपा विधायकों का एसपी केके बिश्नोई के रिसेप्शन में जाना अखिलेश को नहीं भाया, अब MLA पिंकी यादव ने दे दी सफाई

KK Vishnoi Reception: समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों के संभल के एसपी कोक विश्नोई के रिसेप्शन में शामिल होने पर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें जाना नहीं चाहिए था. विधायक पिंकी यादव ने माना कि वे रिसेप्शन के लिए नहीं गई थीं.

यूपी तक

• 12:41 PM • 03 Apr 2026

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KK Vishnoi Reception: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक शादी का रिसेप्शन चर्चा का विषय बना हुआ है.संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) केके बिश्नोई और बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा की जोधपुर में हुई रिसेप्शन पार्टी में सपा के तीन विधायक पिंकी यादव, इकबाल महमूद और राम खिलाड़ी यादव के शामिल होने पर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सख्त नाराजगी जाहिर की है.

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'उन्हें नहीं जाना चाहिए था'

लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब अखिलेश यादव से इन विधायकों के रिसेप्शन में शामिल होने पर सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा 'उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था. हम उन्हें समझाएंगे कि उन्हें शामिल नहीं होना चाहिए था.' अखिलेश की इस टिप्पणी के बाद से ही उन विधायकों की स्थिति असहज हो गई है जो पार्टी में मौजूद रहकर मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवा रहे थे.

पिंकी यादव ने दी सफाई

पार्टी प्रमुख के बयान के बाद यूपी तक ने विधायकों से संपर्क साधा. असमोली से सपा विधायक पिंकी यादव के मुताबिक'वह पहले से ही अपने परिवार और बच्चों के साथ राजस्थान (जोधपुर) की ट्रिप पर थीं. चूंकि उन्हें निमंत्रण मिला था और वह वहीं मौजूद थीं. इसलिए व्यवहारिक तौर पर रिसेप्शन में शामिल होना उन्हें ठीक लगा.उन्होंने साफ किया कि वह समाजवादी पार्टी की सच्ची सिपाही हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष के हर आदेश का पालन करेंगी. उन्होंने कहा कि वह विशेष रूप से केवल रिसेप्शन के लिए जोधपुर नहीं गई थीं.अपनी पोस्ट डिलीट करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई फोटो या पोस्ट साझा ही नहीं की थी. इसलिए डिलीट करने का सवाल ही नहीं उठता.

सपा मीडिया सेल का सख्त रुख

इस मामले में सपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी एक तल्ख पोस्ट साझा की गई है जिसमें संभल के एसपी को 'भाजपाई माइंडसेट' वाला अधिकारी बताया गया है. पोस्ट में कहा गया कि अधिकारियों ने बदलती सियासी हवा को भांपकर समाजवादियों से मेलजोल बढ़ाना शुरू किया है. लेकिन कार्यकर्ताओं और नेताओं को ऐसे तत्वों से 'सुनिश्चित दूरी' बनानी चाहिए.

संभल में हालिया तनाव और सपा नेताओं के खिलाफ हुई पुलिसिया कार्रवाई के बीच विधायकों का इस तरह अधिकारियों के जश्न में शामिल होना पार्टी की नीतियों के खिलाफ माना जा रहा है. अब देखना यह होगा कि 'समझाने' की इस प्रक्रिया के बाद विधायकों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है या मामला केवल बातचीत तक सीमित रहेगा.