राजधानी लखनऊ के विकास में एक और नया अध्याय जुड़ गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की सड़कों पर 250 नए इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को उतारकर प्रदूषण मुक्त यातायात का संदेश दिया.
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हैलोजन से मुक्ति और LED का उजियारा
सीएम योगी ने पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले की हैलोजन लाइटें न केवल बिजली की भारी खपत करती थीं, बल्कि वातावरण में गर्मी और दुर्गंध भी पैदा करती थीं. उन्होंने कहा, "पिछली सरकारों में जो लोग अंधेरे में डकैती करते थे, उन्हें अंधेरा ही भाता था, लेकिन हमारी सरकार सूर्यमुखी है, जो हर कोने को रोशन कर रही है." अब पूरे प्रदेश में केंद्र सरकार की संस्था के सहयोग से आधुनिक LED स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे ऊर्जा की भारी बचत हो रही है.
बिजली बचत का 'जीरो कॉस्ट' मॉडल
स्ट्रीट लाइट योजना के वित्तीय मॉडल को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इन लाइटों का 5 साल तक रखरखाव संबंधित कंपनी की जिम्मेदारी होगी. सरकार को केवल उतनी ही राशि का भुगतान करना होगा, जितनी बिजली की बचत (Saving) होगी. यानी पुरानी लाइटों और नई LED लाइटों के बिजली बिल में जो अंतर आएगा, उसी बचत से लाइटों का खर्च निकाला जाएगा. यह योजना ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है.
'लक्ष्मणपुरी' में अंधेरे का अंत
सीएम ने भावुक होते हुए कहा कि भगवान राम के अनुज लक्ष्मण के नाम पर बसी इस नगरी 'लक्ष्मणपुरी' में रोशनी का यह अभियान इसलिए शुरू किया गया है ताकि शहर के हर हिस्से में समान रूप से ऊर्जा मिले और अंधेरे का पूरी तरह खात्मा हो. यह पहल प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में लागू की जा चुकी है, जिससे न केवल शहरों की सूरत बदली है, बल्कि अपराधों पर अंकुश लगाने में भी मदद मिली है.
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