इटावा में शिवपाल सिंह कश्यप की मौत के बाद हुआ बवाल, क्या 116600 के बिजली बिल ने ले ली जान?

इटावा में 1.16 लाख का बिल देख सदमे में आए शिवपाल सिंह की हार्ट अटैक से मौत. परिजनों का आरोप-बिजली विभाग ने मांगी थी रिश्वत और बिल ठीक करने के नाम पर किया प्रताड़ित. भरथना में शव रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन.

यूपी तक

• 11:18 AM • 19 Mar 2026

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क्या सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और करप्शन किसी की जान ले सकता है? इटावा के भरथना में एक गरीब चाय विक्रेता शिवपाल सिंह की मौत ने इस सवाल को फिर से खड़ा कर दिया है. महज 3 महीने पहले घर में 'स्मार्ट मीटर' लगा और देखते ही देखते बिल 1 लाख 16 हजार 600 रुपये पहुंच गया. एक साधारण चाय की दुकान चलाने वाले शिवपाल के लिए यह रकम किसी पहाड़ जैसी थी. बिल ठीक कराने के लिए वे पिछले कई हफ्तों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे.लेकिन समाधान के बजाय उन्हें रिश्वत और अगली तारीखें मिलीं. 18 मार्च को विभाग से लौटने के बाद वे गहरे तनाव में थे और रात को उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिससे उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को बिजली दफ्तर के बाहर रखकर जमकर हंगामा किया.

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न एसी, न हीटर फिर भी आया सवा लाख का बिल

मृतक शिवपाल की बेटी ने रोते हुए बताया कि उनके घर में बिजली की कोई भारी खपत वाली मशीन या एसी नहीं है. परिवार में माता-पिता, भाई और उनके बच्चे रहते हैं. सामान्य खपत के बावजूद 3 महीने का बिल ₹1,16,600 आना समझ से परे है.बेटी का आरोप है कि इतना बिल किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार के लिए मुमकिन नहीं है. लेकिन विभाग इसे सुनने को तैयार नहीं था.

रिश्वत की मांग और दफ्तरों के चक्कर

परिजनों का आरोप है कि जब शिवपाल बिल ठीक कराने सुंदरपुर स्थित बिजली कार्यालय गए तो वहां उनसे कथित तौर पर ₹2000 की रिश्वत मांगी गई. ईमानदार शिवपाल ने रिश्वत देने के बजाय नियम से काम कराने की कोशिश की. लेकिन उन्हें बार-बार दौड़ाया गया. उन्हें 14 तारीख को बुलाया गया. फिर टालकर 18 तारीख दी गई। विभाग की इस बेरुखी ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था.

"बेटा इतने पैसे कहां से लाएंगे?"

बेटी के मुताबिक, पिता हर समय इसी चिंता में डूबे रहते थे कि चाय बेचकर इतनी बड़ी रकम कैसे चुकाएंगे.18 मार्च को भी वे अधिकारियों से मिलकर आए थे.लेकिन कोई राहत नहीं मिली.रात करीब 11:30 बजे उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया.

विभाग की सफाई और जांच का आश्वासन

घटना के बाद जब शव दफ्तर पहुंचा और हंगामा बढ़ा तब अधिकारी हरकत में आए. बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला तकनीकी खामी या रीडिंग जंप का हो सकता है. सुंदरपुर टावा कार्यालय को मीटर और रीडिंग की स्थिति जांचने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.