1.26 लाख पद खाली, फिर भी शिक्षक भर्ती नहीं! गुस्साए छात्रों का ऐलान, 10 सितंबर को प्रयागराज में होगा महाधरना!

यूपी तक

• 04:10 PM • 08 Sep 2026

प्रयागराज में प्राइमरी शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. पत्थर गिरजाघर में कई दिनों से छात्र धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की मांग है कि लंबे समय से अटकी प्राथमिक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए. डेलड, टेट और बीटीसी जैसी पात्रता परीक्षाएं पास कर चुके अभ्यर्थी इस आंदोलन में शामिल हैं.

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Prayagraj Student Protest: प्रयागराज में प्राइमरी शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. पत्थर गिरजाघर में कई दिनों से छात्र धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की मांग है कि लंबे समय से अटकी प्राथमिक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए. डेलड, टेट और बीटीसी जैसी पात्रता परीक्षाएं पास कर चुके अभ्यर्थी इस आंदोलन में शामिल हैं. छात्रों का कहना है कि कई साल से भर्ती नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी इंतजार कर रहे हैं. अब छात्र 10 सितंबर को बड़ा महाधरना करने की तैयारी में हैं.

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पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

आंदोलन कर रहे छात्रों ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर पांच सूत्रीय मांगें सरकार के सामने रखी हैं. इनमें शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाना, नेगेटिव मार्किंग खत्म करना और उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए डोमिसाइल नियम लागू करना प्रमुख मांगें हैं. छात्रों का कहना है, “भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और योग्य अभ्यर्थियों को जल्द मौका दिया जाए.” छात्रों ने अधिकारियों से भी बातचीत की, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका है.

आश्वासन के बाद भी कार्रवाई नहीं

छात्रों के मुताबिक बेसिक शिक्षा मंत्री की ओर से शिक्षक भर्ती शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी वजह से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ रही है. छात्रों का कहना है कि वे अब और इंतजार नहीं करना चाहते. उनका कहना है, “सरकार और आयोग तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 10 सितंबर को बड़ा महाधरना किया जाएगा.” आंदोलन में अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की बात कही गई है.

1,26,000 पद खाली होने का दावा

छात्रों का दावा है कि सरकार में करीब 1,26,000 पद खाली हैं, इसके बावजूद प्राथमिक शिक्षक भर्ती की अनदेखी की जा रही है. उनका कहना है कि इन पदों पर भर्ती होने से लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सकता है. 10 सितंबर के महाधरने का उद्देश्य सरकार और आयोग तक अपनी मांगों को मजबूती से पहुंचाना है. छात्र जनसमर्थन भी जुटा रहे हैं और जल्द शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं. छात्रों के अनुसार यह आंदोलन प्राथमिक शिक्षक भर्ती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है.