Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान उस वक्त हंगामा मच गया, जब पुलिस ने 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को वहां से उठाकर अस्पताल पहुंचाया. इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति देखने को मिली. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जबरदस्ती, मारपीट और बदसलूकी के आरोप लगाए, वहीं दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे मेडिकल आधार पर की गई कार्रवाई बताया.
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21 दिन से अनशन पर थे सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे. प्रदर्शन के दौरान उनकी सेहत लगातार खराब होने की बात सामने आ रही थी. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की मेडिकल सलाह के आधार पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.
पुलिस का कहना है कि मेडिकल टीम की रिपोर्ट में उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई थी.
पुलिस कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों से हुई झड़प
सोनम वांगचुक को ले जाने के दौरान मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया. कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई दे रही है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाया और उनके साथ बदसलूकी की.
अभिजीत दीप ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन से जुड़े अभिजीत दीप ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने सोनम वांगचुक को गाली देते हुए घसीटकर वहां से ले गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ भी पुलिस ने कथित तौर पर मारपीट की और उनके मोबाइल फोन छीने गए.
हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया कि कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया, जिसके चलते हल्की झड़प की स्थिति बनी, लेकिन पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से की गई.
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई. कई लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने उनकी खराब सेहत को देखते हुए अस्पताल ले जाने के फैसले को सही बताया. कई यूजर्स ने सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की.
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
इस पूरे मामले को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की जा रही है. विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को बातचीत के जरिए सुना जाना चाहिए.
दिल्ली पुलिस ने दी आधिकारिक सफाई
दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही थी. हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार डॉक्टर उनकी नियमित जांच कर रहे थे. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें उचित इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने रोकने की कोशिश की, जिसके कारण मौके पर हल्की झड़प हुई, लेकिन पुलिस ने संयम बरता.
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार, एनटीए में बदलाव और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है.
अस्पताल ले जाए जाने से पहले सोनम वांगचुक ने लोगों से संसद मार्च में शामिल होने की अपील भी की थी. उन्होंने कहा था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए.
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