UP News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी (CJP) आंदोलन को समाजवादी पार्टी लगातार अपना समर्थन देती नजर आ रही है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सोनम वांगचुक से फोन पर बातचीत के बाद अब पार्टी के कई सांसद और विधायक जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं. इसी कड़ी में बुधवार को सपा सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और उन्होंने सोनम वांगचुक से मुलाकात की. डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक के पास बैठकर काफी देर तक बातचीत की. इस दौरान उन्होंने उनकी सेहत का हाल जाना और अनशन खत्म करने की अपील भी की. हालांकि, सोनम वांगचुक ने साफ किया कि वह अपने आंदोलन को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और सरकार से बातचीत की मांग पर कायम हैं.
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डिंपल यादव के साथ कई सपा नेता पहुंचे जंतर-मंतर
डिंपल यादव के साथ सपा सांसद धर्मेंद्र यादव, रामपुर सांसद महबूब अली नदवी और विधायक रागिनी सोनकर समेत कई पार्टी पदाधिकारी जंतर-मंतर पहुंचे. सपा नेताओं ने सोनम वांगचुक और प्रदर्शन कर रहे युवाओं से मुलाकात कर उनकी मांगों को अपना समर्थन दिया.
प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने मंच से युवाओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों को लेकर उनके साथ खड़ी है. उन्होंने पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना भी साधा.
धर्मेंद्र यादव ने युवाओं के मुद्दों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि देश में छात्रों और नौजवानों की समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार आवाज उठा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कई परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे बड़ी संख्या में युवा प्रभावित हुए हैं.
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है. धर्मेंद्र यादव ने मंच से नारे लगाते हुए आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ाया.
20 जुलाई को संसद तक पैदल मार्च का ऐलान
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन के बीच अब 20 जुलाई को संसद तक पैदल मार्च का ऐलान किया गया है. सीजेपी की ओर से किए गए इस ऐलान के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है. अब नजरें इस बात पर हैं कि समाजवादी पार्टी इस मार्च में किस तरह शामिल होती है.
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनशन पर बैठे हैं. विपक्षी दल लगातार उनसे अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन वह अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं. वहीं, सपा के लगातार समर्थन से इस आंदोलन को नई राजनीतिक चर्चा मिल गई है.
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