राम मंदिर चोरी विवाद पर माता प्रसाद पांडेय का बड़ा बयान, बोले- अयोध्या किसी एक पार्टी की नहीं...ब्राह्मण वोट और गठबंधन को लेकर भी कही बड़ी बात!

यूपी तक

• 03:49 PM • 16 Jul 2026

UP News: अयोध्या चोरी विवाद, 2027 यूपी चुनाव और गठबंधन की राजनीति को लेकर सपा नेता ने भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने सनातन धर्म, राम मंदिर चोरी मामले, ब्राह्मण समाज और पीडीए समीकरणों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि धर्म और राजनीति को अलग-अलग नजरिए से देखना चाहिए.

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UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या, सनातन धर्म, आगामी विधानसभा चुनाव और सामाजिक समीकरणों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने मुख्यमंत्री के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा. उन्होंने अयोध्या में हुई चोरी की घटनाओं से लेकर चुनावी रणनीति, गठबंधन, ब्राह्मण समाज और पीडीए की राजनीति तक पर अपनी बात रखी.

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सनातन धर्म और आस्था को लेकर भाजपा पर हमला

अयोध्या में चोरी के मामले को लेकर उठे सवालों पर सपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी कभी भी आस्था के खिलाफ नहीं रही. उन्होंने कहा कि जो लोग पहले सनातन धर्म और आस्था को नकारते थे, वही आज सनातन के सबसे बड़े समर्थक बनकर घूम रहे हैं.

उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुद को सनातन का झंडाबरदार बताते हैं, लेकिन उनके विचारों और कार्यों में अंतर दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आस्था का सम्मान करती है और धर्म को राजनीति से अलग रखकर देखने की बात करती है.

अयोध्या चोरी मामले पर सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

राम मंदिर और अयोध्या में चोरी की घटनाओं को लेकर सपा नेता ने सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार दावा करती है कि उसने माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है तो फिर अयोध्या जैसी जगह पर चोरी की घटना कैसे हो गई.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास खुफिया तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होती है. ऐसे में पहले से जानकारी मिलने पर ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश क्यों नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने के बजाय विपक्ष पर आरोप लगा रही है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में हुई चोरी जनता के बीच बड़ा सवाल बन चुकी है और लोग खुद सरकार से जवाब मांग रहे हैं.

राम मंदिर और अयोध्या को लेकर भाजपा पर निशाना

सपा नेता ने कहा कि अयोध्या किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि वहां हर धर्म और विचारधारा के लोग जाते हैं. जो भाजपा को वोट देते हैं, वे भी अयोध्या जाते हैं और जो भाजपा को वोट नहीं देते, वे भी अयोध्या जाते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अयोध्या को राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा कि धर्म और राजनीति को अलग-अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए.

चोरी का मामला चुनावी मुद्दा बनेगा?

जब उनसे पूछा गया कि क्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बनेगा, तो उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इसे मुद्दा बनाए या न बनाए, लेकिन आम जनता खुद इस पर सवाल उठा रही है.

उन्होंने कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि अयोध्या में मंदिर से चोरी कैसे हो गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है. उन्होंने दावा किया कि इस घटना से भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचा है और समाजवादी पार्टी का जनाधार बढ़ा है.

विदेश यात्राओं को लेकर भी हुई चर्चा

विदेश यात्राओं को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता ने कहा कि विदेश जाने से अनुभव और नई जानकारी मिलती है. उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों को देखने से विकास के नए मॉडल समझने का मौका मिलता है.

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई योजनाओं को दूसरे देशों से सीख लेकर लागू किया गया है. उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा को केवल आलोचना का विषय नहीं बनाना चाहिए, बल्कि इससे मिलने वाले अनुभवों को सकारात्मक रूप से देखना चाहिए.

2027 चुनाव और गठबंधन पर बोले सपा नेता

आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश की राजनीतिक स्थिति बदल गई है. उन्होंने दावा किया कि इंडिया गठबंधन को जनता का समर्थन मिला और समाजवादी पार्टी का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा कि 2024 में भाजपा गठबंधन को करीब 41 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके गठबंधन को करीब 43 प्रतिशत वोट मिले. उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जनता बदलाव के मूड में है.उन्होंने कहा कि 2027 में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए उनकी पार्टी पूरी तरह तैयार है और अपने मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाकर जीत सुनिश्चित करेगी.

कांग्रेस के साथ गठबंधन पर क्या बोले?

कांग्रेस के साथ आगामी चुनाव गठबंधन को लेकर सपा नेता ने कहा कि पार्टी चाहती है कि 2027 में भी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा जाए. उन्होंने कहा कि सीटों का फैसला समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बीच बातचीत से तय होगा. उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर बातचीत जारी रहेगी.

छोटे दलों के गठबंधन छोड़ने पर उन्होंने कहा कि कई पार्टियां सत्ता और राजनीतिक फायदे को देखते हुए अपने फैसले लेती हैं. उन्होंने कहा कि जब सरकार नहीं होती तो कुछ दल दूसरी जगह संभावनाएं तलाशने लगते हैं.

ब्राह्मण समाज को लेकर सपा की रणनीति

ब्राह्मण समाज को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा नेता ने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा समाज के हित में काम करता रहा है. उन्होंने कहा कि गांवों में ब्राह्मण समाज गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए धार्मिक और सामाजिक जिम्मेदारियां निभाता है.

उन्होंने दावा किया कि ब्राह्मण समाज भाजपा से निराश है और अब समाजवादी पार्टी की ओर देख रहा है. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को उम्मीद थी कि भाजपा सरकार में उनकी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज समाजवादी विचारधारा से जुड़ सकता है क्योंकि समाजवाद सभी वर्गों के उत्थान की बात करता है.

पीडीए के साथ ब्राह्मण समाज को जोड़ने की कोशिश

पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की राजनीति पर उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज और पीडीए के बीच कोई विरोध नहीं है. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा सभी वर्गों के लिए काम करता आया है.

उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में ब्राह्मण समाज पीडीए के साथ खड़ा हो सकता है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है.

समाजवादी पार्टी के मुद्दे

सपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी की राजनीति गरीबों के उत्थान, बेरोजगारों को रोजगार देने, शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक न्याय पर आधारित है. उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति से उनका वैचारिक संघर्ष जारी रहेगा.

उन्होंने दोहराया कि धर्म का सम्मान होना चाहिए, लेकिन राजनीति में धर्म का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में जनता विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर फैसला करेगी.