UP Police SI Result 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (UP Police SI/दरोगा) भर्ती 2026 को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. भर्ती बोर्ड ने मेरिट लिस्ट जारी करने के साथ ही घोषणा की है कि अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर कार्ड 22 जुलाई को जारी किए जाएंगे. इसी दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई भी तय है. इस घटनाक्रम के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.
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स्कोर कार्ड को लेकर हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
UP SI भर्ती परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों ने स्कोर कार्ड सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था. याचिकाकर्ताओं की ओर से मांग की गई कि सभी उम्मीदवारों के स्कोर कार्ड जारी किए जाएं, ताकि चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सके.
बताया गया कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने भर्ती बोर्ड से यह सवाल किया कि आखिर ऐसा कौन-सा कारण है, जिसकी वजह से स्कोर कार्ड जारी नहीं किए जा रहे हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि स्कोर कार्ड जारी होने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी.
22 जुलाई को स्कोर कार्ड जारी करने का ऐलान
सुनवाई के बाद भर्ती बोर्ड ने परिणाम जारी करते हुए बताया कि सभी अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर कार्ड 22 जुलाई को उपलब्ध कराए जाएंगे. संयोग से इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी निर्धारित है. इस घोषणा के बाद उम्मीदवारों के बीच उम्मीद जगी है कि उन्हें पहली बार अपने अंक देखने का अवसर मिलेगा.
रॉ स्कोर को लेकर अभी भी सवाल
हालांकि अभ्यर्थियों के एक वर्ग का कहना है कि केवल नॉर्मलाइज्ड स्कोर जारी करना पर्याप्त नहीं होगा. उनका कहना है कि भर्ती बोर्ड को रॉ स्कोर (Raw Score) भी सार्वजनिक करना चाहिए.
रॉ स्कोर वह वास्तविक अंक होता है जो अभ्यर्थी ने परीक्षा में सही उत्तरों के आधार पर प्राप्त किया होता है, जबकि नॉर्मलाइज्ड स्कोर अलग-अलग शिफ्ट के कठिनाई स्तर को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाता है.
क्या है नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया?
भर्ती परीक्षाओं में यदि परीक्षा कई शिफ्टों में आयोजित होती है तो प्रत्येक शिफ्ट के कठिनाई स्तर में अंतर को संतुलित करने के लिए नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाई जाती है. इसी प्रक्रिया के बाद अभ्यर्थियों के अंतिम अंक तय किए जाते हैं. उम्मीदवारों की मांग है कि भर्ती बोर्ड नॉर्मलाइज्ड स्कोर के साथ-साथ रॉ स्कोर भी जारी करे, ताकि पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी दिखाई दे.
याचिकाकर्ताओं का दावा
मामले से जुड़े पक्ष का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों के अधिक रॉ स्कोर होने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ, जबकि कम अंक पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों का चयन हो गया. इसी आधार पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. हालांकि इन दावों की पुष्टि अदालत की अंतिम सुनवाई और भर्ती बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
22 जुलाई की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर 22 जुलाई पर है. एक ओर भर्ती बोर्ड स्कोर कार्ड जारी करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई भी होगी.
इस सुनवाई में यह भी स्पष्ट हो सकता है कि केवल नॉर्मलाइज्ड स्कोर जारी किए जाएंगे या भविष्य में रॉ स्कोर और अन्य जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर भी कोई निर्देश दिए जाएंगे. फिलहाल अभ्यर्थी भर्ती बोर्ड की अगली कार्रवाई और हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं.
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