बिजनौर में पुलिसवालों को चकमा देकर भागा आरोपी, थाने में मिल रही थी VIP सुविधाएं, अब हुई ये बड़ी कार्रवाई

यूपी तक

• 08:09 PM • 17 Jul 2026

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मंडावली थाने की पुलिस हिरासत से एक आरोपी वीआईपी कमरे से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. मामले में लापरवाही सामने आने पर एसपी ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दे दिए हैं.

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Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है. यहाँ मंडावली थाने की पुलिस हिरासत से एक आरोपी नितिन कश्यप चकमा देकर फरार हो गया है. आरोप है कि सिफारिश के चलते इस आरोपी को हवालात की जगह थाने के एक वीआईपी कमरे में रखा गया था और उसे सभी सुविधाएं दी जा रही थीं. पुलिस कस्टडी से आरोपी के भागने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है. इस बड़ी लापरवाही को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है.

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आरोपी को मिला वीआईपी ट्रीटमेंट

यह पूरा मामला बिजनौर के मंडावली थाना क्षेत्र का है. यहाँ अपने ननिहाल में रहने वाली एक नाबालिग लड़की को कुछ दिन पहले हरिद्वार के लक्सर कस्बे के भोपुर गांव का रहने वाला नितिन कश्यप अगवा कर अपने साथ ले गया था. परिजनों की शिकायत पर मंडावली थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी नितिन कश्यप को पकड़ लिया. आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद नितिन को थाने की हवालात में बंद नहीं किया गया, बल्कि सिफारिश के चलते उसे थाने के ही एक कमरे में रखकर सभी जरूरी सुविधाएं दी जा रही थीं.

चकमा देकर थाने से फरार

थाने के कमरे में वीआईपी सुविधाओं का आनंद ले रहे आरोपी नितिन कश्यप ने मौका पाते ही पुलिस वालों को चकमा दे दिया और वहाँ से भाग निकला. आरोपी के फरार होने के बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. आरोप है कि शुरुआत में पुलिस वालों ने इस बड़ी लापरवाही के मामले को दबाने की कोशिश की और खुद ही उसकी तलाश करते रहे. पुलिस की टीमें देर शाम तक फरार आरोपी को ढूंढने में जुटी रहीं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.

थाना प्रभारी पर गिरी गाज

थाने से आरोपी के फरार होने की जानकारी मिलते ही बिजनौर के एसपी अभिषेक झा ने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने मंडावली के थाना प्रभारी राकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया. इसके साथ ही इस पूरे मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी गई है. यह जांच इसलिए कराई जा रही है ताकि पता चल सके कि इस लापरवाही में कौन-कौन से पुलिसकर्मी शामिल हैं और किसकी सिफारिश पर आरोपी को हवालात की जगह कमरे में वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था.