उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के गारवगढ़ गांव से एक ऐसी बर्बर और अमानवीय तस्वीर सामने आई है, जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है बल्कि कानून-व्यवस्था को भी खुली चुनौती दी है. यहां 'धर्म परिवर्तन' के महज शक के आधार पर एक युवक और उसकी पत्नी को जो प्रताड़ना दी गई, उसने सभ्य समाज के माथे पर कलंक लगा दिया है.
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जूतों की माला और सरेराह अपमान...
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब आगरा में झूला झुलाने का काम करने वाला एक युवक होली के त्योहार पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव गारवगढ़ लौटा. उसके रहन-सहन और तौर-तरीकों को देखकर परिवार और गांव के कुछ लोगों को उसके धर्म परिवर्तन करने का शक हुआ. बजाय इसके कि कोई कानूनी रास्ता अपनाया जाता या शांति से बातचीत की जाती, गांव में पंचायत बुलाई गई.
पंचायत ने जो फैसला सुनाया वह किसी मध्यकालीन क्रूरता से कम नहीं था. युवक और उसकी पत्नी को सरेआम जूतों की माला पहनाई गई और फिर उन्हें अपमानित करते हुए पूरे गाँव में घुमाया गया. इस दौरान उनकी गरिमा को तार-तार कर दिया गया और भीड़ मूकदर्शक बनी तमाशा देखती रही.
पुलिस ने की ये कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. डीएसपी योगेन्द्र कृष्ण ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक विवाद और सामाजिक संकीर्णता से जुड़ा लग रहा है. पुलिस ने साफ किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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