स्मार्ट मीटर की खामियों का सबसे हैरान करने वाला मामला बांदा से सामने आया. यहां कुलदीप नामक एक युवक की शादी की रस्में चल रही थीं, तभी अचानक बिजली का कनेक्शन कट गया. शादी के घर में अंधेरा छाने और कार्यक्रम बाधित होने के कारण दूल्हे को खुद शेरवानी पहनकर डीएम कार्यालय पहुंचने पर मजबूर होना पड़ा. कुलदीप का कहना था कि पुराने मीटर की जगह नया स्मार्ट मीटर लगते ही बिल कई गुना बढ़ गया और बिना सूचना दिए कनेक्शन काट दिया गया.
ADVERTISEMENT
जनता की चिंता: 'बिल हुआ दोगुना'
ग्रामीणों और उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनके बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. कई परिवारों का बिल अचानक दोगुना हो गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है. सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जब तक तकनीक पूरी तरह पारदर्शी न हो जाए, तब तक पुराने मीटर ही बहाल रखे जाएं.
सरकार का एक्शन: तकनीकी समिति करेगी जांच
विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री ने चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति बनाई है. सरकार के नए निर्देशों के अनुसार:
- मीटर लगाने पर रोक: फिलहाल नए स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोक दिया गया है.
- 45 दिनों की राहत: अब बिल भुगतान न होने की स्थिति में कम से कम 45 दिनों तक कनेक्शन नहीं काटा जाएगा.
- SMS अलर्ट: उपभोक्ताओं को बिल और बैलेंस की जानकारी चरणबद्ध तरीके से एसएमएस के जरिए दी जाएगी.
सरकार का मानना है कि तकनीक का उद्देश्य जनता की सुविधा होना चाहिए, न कि उनके लिए मुसीबत. अब समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही इस दिशा में आगे का फैसला लिया जाएगा.
ADVERTISEMENT









