आपत्तिजनक रील बनाने के बाद ट्रोल हुई निलंबित दरोगा अनु कॉलिस ने फिर बनाया वीडियो, अब कही ये बात

यूपी तक

• 11:50 AM • 24 Aug 2026

Meerut Female Cop: मेरठ की निलंबित महिला दरोगा अनु कॉलिस ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर वायरल वीडियो विवाद पर सफाई दी है. उन्होंने खुद पर लगे अश्लीलता और सोशल मीडिया नियमों के उल्लंघन के आरोपों को गलत बताया है.

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Meerut Female Cop: मेरठ में एक वायरल वीडियो के कारण महिला दरोगा अनु को निलंबित कर दिया गया था. निलंबन के बाद अनु कॉलिस ने एक बार सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर अपनी बात रखी है. लाइव आकर उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है. इस दौरान उनका दर्द और बेबसी साफ दिख रही थी. उन्होंने बताया कि इस विवाद के कारण वह किस कदर मानसिक तनाव से गुजर रही हैं और कैसे बिना सच जाने उन्हें सोशल मीडिया पर दोषी मान लिया गया है.

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मानसिक तनाव से गुजर रहीं दरोगा

अनु कॉलिस ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से एक कमरे में बंद हैं. इस पूरे मामले ने उन्हें मानसिक रूप से बुरी तरह तोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी पाना आसान नहीं होता है. उन पर इतना ज्यादा दबाव है कि कई बार उनके मन में गलत और खौफनाक कदम उठाने के ख्याल भी आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर जिस तरह उन्हें निशाना बनाया गया, उससे उनका पूरा परिवार बहुत परेशान है.

कपड़ों और क्यूआर कोड पर सफाई

अपनी सफाई में अनु ने कहा कि वह एक एंग्लो-इंडियन और रोमन कैथोलिक परिवार से हैं. उनके घर में ऐसे कपड़े (फ्रॉक) पहनना बहुत आम बात है. उन्होंने कहा कि जब उनके माता-पिता और भाई को उनके कपड़ों से कोई दिक्कत नहीं है, तो दूसरों को क्यों परेशानी हो रही है? वहीं, क्यूआर कोड के बारे में उन्होंने बताया कि वह कोई अश्लील लिंक नहीं था, बल्कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट का कोड था. वह इसे फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स बढ़ाने के लिए लगाती थीं.

इन्फ्लुएंसर पर लगाए गंभीर आरोप

अनु ने अमित नाम के एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का जिक्र करते हुए कहा कि उसने सिर्फ कुछ व्यूज के लिए उनकी जिंदगी खराब कर दी. बिना क्यूआर कोड की जांच किए उन पर अश्लील वीडियो बनाने और यूट्यूब पर सेक्स चैट करने के झूठे आरोप लगाए गए. अनु ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर यूट्यूब पर ऐसा करना संभव है तो कोई साबित करके दिखाए, वह तुरंत अपनी नौकरी से इस्तीफा दे देंगी.

पुलिस विभाग के तानों से आहतॉ

अनु ने बताया कि वह अपने विभाग के एक सीनियर इंस्पेक्टर की बहुत इज्जत करती थीं, लेकिन उन्होंने भी उन पर विभाग की छवि खराब करने का आरोप लगाया. अनु ने कहा कि वह कोई अनपढ़ लड़की नहीं हैं. वह स्कूल-कॉलेज में टॉपर रही हैं और यह उनकी दूसरी सरकारी नौकरी है. इसलिए उन्हें सोशल मीडिया की गाइडलाइंस और नियमों की बहुत अच्छी जानकारी है.

क्यों हुआ था अनु का निलंबन?

यह पूरा मामला 16 अगस्त को सामने आया था. सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था. उन पर पुलिस आचरण और विभागीय सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन का आरोप लगा था. साल 2023 बैच की दरोगा अनु कॉलिस निलंबन से पहले एसएसपी कार्यालय में तैनात थीं. फिलहाल इस मामले में विभागीय और साइबर जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.