UP में Zomato-Swiggy डिलीवरी करते हो? मुफ्त इलाज के लिए आज ही चेक कर लो ये योजना

जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, ओला और ऊबर जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े गिग वर्कर्स को अब आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा. केंद्र सरकार ने ई-श्रम पोर्टल के जरिए डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवर्स को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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• 02:50 PM • 10 Jun 2026

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Ayushman Bharat Scheme: दिन-रात सड़कों पर घूमकर खाना डिलीवर करने वाले हजारों युवाओं के लिए अच्छी खबर है. अगर आप जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट (Zomato, Swiggy, Blinkit) या किसी अन्य ऐप पर डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करते हैं तो अब आपको 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है. केंद्र सरकार ने गिग वर्कर्स को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत लाने का फैसला किया है.

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सरकार का नया फैसला

सरकार ने सोशल सिक्योरिटी कोड (Code on Social Security) के तहत पहली बार डिलीवरी बॉयज, कैब ड्राइवर्स और अन्य प्लेटफॉर्म वर्कर्स को 'श्रमिक' का कानूनी दर्जा दिया है. इसके तहत अब इन सभी कर्मचारियों को ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल के जरिए आयुष्मान भारत योजना से सीधे जोड़ा जा रहा है. इसका मतलब है कि अगर खुदा न खास्ता कोई बीमारी या एक्सीडेंट होता है, तो अस्पताल का खर्च आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा.

कौन-कौन से काम करने वाले हैं पात्र?

  • जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म के डिलीवरी बॉय
  • कैब ड्राइवर (जैसे कि ओला और ऊबर)
  • अन्य ऐप-बेस्ड काम करने वाले गिग वर्कर्स

सरकार के नए नियमों के मुताबिक, अगर आप पिछले वित्तीय वर्ष में किसी एक कंपनी के साथ 90 दिन या कई कंपनियों के साथ कुल 120 दिन काम कर चुके हैं, तो आप इस योजना का लाभ ले सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में 40 दिन के काम की भी चर्चा है, लेकिन आधिकारिक नियम 90-120 दिनों पर आधारित हैं.

आपको क्या-क्या फायदे मिलेंगे?

  • 5 लाख का मुफ्त इलाज: देश और यूपी के किसी भी लिस्टेड सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस (बिना पैसे दिए) इलाज.
  • गंभीर बीमारियां भी शामिल: दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी की परेशानी से लेकर बड़े ऑपरेशन्स तक, करीब 1,900 से ज्यादा इलाज इसमें कवर हैं.
  • भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च: अस्पताल में भर्ती होने के 3 दिन पहले की जांचें और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाइयों का खर्च भी इसी में शामिल होता है.

स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: कैसे चेक करें लिस्ट में नाम और कैसे बनाएं कार्ड?

अगर आप योग्य हैं, तो कार्ड बनाने की प्रक्रिया बहुत सरल है. आप इसे घर बैठे अपने मोबाइल से या नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) जाकर करवा सकते हैं.

स्टेप 1: पात्रता चेक करें 

  • आयुष्मान भारत की आधिकारिक वेबसाइट (pmjay.gov.in) पर जाएं या 'Ayushman App' डाउनलोड करें.
  • वहां 'Am I Eligible' वाले ऑप्शन पर क्लिक करें.
  • अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालकर OTP के जरिए लॉग-इन करें.
  • अपने राज्य (Uttar Pradesh) को चुनें और राशन कार्ड, आधार नंबर या नाम से सर्च करें. अगर आपका नाम लिस्ट में है तो आप कार्ड बना सकते हैं.

स्टेप 2: e-KYC और कार्ड डाउनलोड (घर बैठे या सेंटर जाकर)

  • अगर आप आयुष्मान एप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आधार नंबर डालकर e-KYC का विकल्प चुनें.
  • ऐप आपके मोबाइल कैमरे से एक 'लाइव फोटो' मांगेगा, जो आपके आधार के डेटा से मैच होनी चाहिए.
  • वेरिफिकेशन पूरा होते ही आपका आयुष्मान कार्ड (e-Card) जेनरेट हो जाएगा, जिसे आप तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं.

दूसरा तरीका: आप अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या जनसेवा केंद्र (CSC) में आधार कार्ड और ई-श्रम कार्ड लेकर जाएं. वहां मौजूद 'आयुष्मान मित्र' आपकी बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) वेरिफिकेशन करके तुरंत कार्ड बना देंगे.

सरकार क्यों दे रही ये सुविधा?

डिलीवरी करने वाले ज्यादातर युवा दुर्घटना, बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने पर भारी खर्च से परेशान रहते थे. कोई फिक्स्ड सैलरी, कोई मेडिकल इंश्योरेंस नहीं. अब सरकार ने उन्हें असंगठित कामगार मानकर सामाजिक सुरक्षा देने का फैसला किया है. बजट 2025-26 में भी इसकी घोषणा हुई थी.