Sagar-Mohari Highway: बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने और यातायात को बेहतर बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) नया तोहफा देने जा रहा है. राष्ट्रीय राजमार्ग 934 (NH-934) के सागर-मोहारी खंड को अब शानदार फोरलेन में बदल दिया गया है. 42.3 किलोमीटर लंबा यह नया हाईवे न केवल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच के यातायात को मजबूत करेगा, बल्कि इलाके की तस्वीर बदलने में भी अहम भूमिका निभाएगा.
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नया मार्ग भोपाल-कानपुर कॉरिडोर का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके बनने से सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह और विदिशा जैसे जिलों के लोगों का सफर तो आसान हुआ ही है, साथ ही उत्तर प्रदेश के झांसी, बांदा और कानपुर तक पहुंचना भी अब पहले से कहीं ज्यादा सुगम हो गया है.
बनाए गए बायपास और अंडरपास
पहले इस रूट पर दो लेन की सड़क होने की वजह से आए दिन जाम और हादसों का डर बना रहता था. अब इसे आधुनिक मानकों के हिसाब से फोरलेन कर दिया गया है. सफर को सुरक्षित और रफ्तार देने के लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं.
- बांदा और दलपतपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में नए बायपास बनाए गए हैं, ताकि हाईवे का ट्रैफिक शहरों के अंदर न फंसे.
- दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हाईवे पर 9 व्हीकुलर अंडरपास (VUP) और 7 लाइट व्हीकुलर अंडरपास (LVUP) बनाए गए हैं.
- आधुनिक पुलों और पुलियाओं के निर्माण के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा के लिए बस बे और शेल्टर भी तैयार किए गए हैं.
सफर का समय हुआ आधा
सागर-मोहारी फोरलेन हाईवे के बनने से यात्रा के समय में कमी आई है. स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. उदाहरण के लिए, सागर से प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो जाने में जहां पहले 4 घंटे का लंबा समय लगता था, वहीं अब दूरी महज 2 से ढाई घंटे में पूरी हो जाएगी.
समय बचने से खजुराहो के साथ-साथ महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर जैसे देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की राह बेहद आसान हो गई है.
किसानों और कारोबारियों की चमकेगी किस्मत
हाईवे का सबसे बड़ा फायदा बुंदेलखंड के किसानों और स्थानीय कारोबारियों को होने जा रहा है. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की वजह से अब किसान अपने कृषि उत्पाद, बागवानी फसलें और डेयरी प्रोडक्ट्स को बिना समय गंवाए और सुरक्षित तरीके से बड़ी मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं. समय पर माल मंडी पहुंचने से न सिर्फ फसलें खराब होने से बच रही हैं, बल्कि किसानों की आमदनी में भी बढ़ोतरी हो रही है.
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