अगर आपकी ट्रेन छूट गई है या आप अपने तय बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ पाए हैं तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या आपकी सीट किसी और यात्री को दे दी जाएगी? क्या TTE कुछ समय तक आपकी सीट को आपके लिए रोककर रखता है?
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इस मामले में रेलवे के नियम को समझना जरूरी है, क्योंकि सोशल मीडिया पर सीट को लेकर कई तरह की बातें चलती रहती हैं. रेलवे के आधिकारिक आरक्षण नियमों में इस बारे में स्पष्ट प्रावधान दिया गया है.
ट्रेन छूटने से पहले ही हो सकता है सीट का अलॉटमेंट
रेलवे के मुताबिक, अगर किसी यात्री के लिए सीट या बर्थ रिजर्व है, लेकिन वह ट्रेन के तय प्रस्थान समय से 10 मिनट पहले तक नहीं पहुंचता, तो रेलवे प्रशासन उसके आरक्षण को रद्द कर सकता है. इसके बाद सीट या बर्थ RAC या वेटिंग लिस्ट के यात्री को प्राथमिकता के आधार पर दी जा सकती है.
अगर अगले स्टेशन से चढ़ना है तो क्या करें?
अगर आप पहले से जानते हैं कि आप ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से नहीं चढ़ेंगे और किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ेंगे, तो इसके लिए रेलवे में बोर्डिंग प्वॉइंट बदलने की सुविधा है.
रेलवे के नियमों के मुताबिक, यात्री ट्रेन के रास्ते में आने वाले किसी भी स्टेशन से चढ़ सकता है, लेकिन इसके लिए उसे टिकट खरीदते और रिजर्वेशन कराते समय या निर्धारित प्रक्रिया के तहत कम से कम 24 घंटे पहले लिखित अनुरोध करना होता है.
ऐसे मामले में रेलवे उस सीट या बर्थ को यात्री के चढ़ने वाले स्टेशन तक इस्तेमाल करने का अधिकार अपने पास रखता है. इसलिए अगर आपने अपना बोर्डिंग स्टेशन पहले से बदल दिया है तो स्थिति अलग हो सकती है.
अगर बिना बताए देर से पहुंचे तो?
मान लीजिए आपकी टिकट दिल्ली से लखनऊ की है, लेकिन आप दिल्ली से ट्रेन नहीं पकड़ पाए. आपने पहले से बोर्डिंग स्टेशन भी नहीं बदला. ऐसी स्थिति में जरूरी नहीं कि आपकी सीट ट्रेन के अगले कई स्टेशनों तक खाली रखी जाए.
रेलवे के आधिकारिक नियम में साफ है कि निर्धारित प्रस्थान से 10 मिनट पहले तक यात्री के नहीं पहुंचने पर आरक्षण रद्द कर सीट/बर्थ किसी RAC या वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को दी जा सकती है.
क्या TTE मनमर्जी से किसी को सीट दे सकता है?
नहीं. रेलवे के नियमों के मुताबिक खाली बर्थ का आवंटन रेलवे की प्रक्रिया के तहत किया जाता है. दक्षिण पूर्व रेलवे की आधिकारिक जानकारी में TTE की जिम्मेदारियों में खाली आवास की जानकारी रखना और नियमों के अनुसार RAC यात्रियों को खाली बर्थ आवंटित करना शामिल है.
इसलिए किसी यात्री की सीट खाली दिखने पर TTE अपनी मर्जी से किसी को भी सीट दे दे, ऐसा नहीं है. सीट के आवंटन के लिए रेलवे के नियम और प्राथमिकता लागू होती है.
सबसे जरूरी बात क्या है?
अगर आपको पता है कि आप अपनी टिकट वाले स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ पाएंगे, तो आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय बोर्डिंग स्टेशन पहले से बदलना ज्यादा सुरक्षित है. रेलवे के नियमों के मुताबिक इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और समय सीमा का पालन करना होता है.
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