IAS Divya Mittal Resignation News: उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा अब आधिकारिक तौर पर मंजूर हो गया है. 2013 बैच की दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद 30 अगस्त 2026 को इस्तीफा दिया था. करीब 17 साल की सेवा बाकी होने के बावजूद उन्होंने व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया. केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और यह 15 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है.
ADVERTISEMENT
सोशल मीडिया पर लिखा- बढ़े चलो, बढ़े चलो
इस्तीफा मंजूर होने के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की. उन्होंने जयशंकर प्रसाद के ऐतिहासिक नाटक ‘चंद्रगुप्त’ की प्रसिद्ध पंक्तियां लिखीं- प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो.' इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने अपने फैसले को किसी जल्दबाजी का नतीजा नहीं बताया था. उन्होंने इसे परिवार और अपनी रुचियों से जुड़े भविष्य के लक्ष्यों के लिए सोच-समझकर लिया गया निर्णय बताया था.
मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया में रही चर्चा
दिव्या मित्तल अपनी सख्त और एक्शन-ओरिएंटेड कार्यशैली के लिए प्रशासनिक हलकों में चर्चित रही हैं. मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया में जिलाधिकारी के तौर पर उनकी तैनाती के दौरान उनकी कार्यशैली की खूब चर्चा हुई. मई 2026 में उन्हें देवरिया के डीएम पद से हटाकर लखनऊ में राजस्व विभाग का विशेष सचिव बनाया गया था. इसके बाद उन्होंने अगस्त में प्रशासनिक सेवा छोड़ने का फैसला किया.
लंदन की नौकरी छोड़कर बनीं IAS
दिव्या मित्तल की पढ़ाई IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA तक हुई है. पढ़ाई के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की, लेकिन बाद में सिविल सेवा का रास्ता चुना. उन्होंने लगातार दो साल UPSC की परीक्षा में सफलता हासिल की थी. पहले प्रयास में वह IPS बनीं और अगले साल IAS कैडर हासिल किया. उनके पति गगनदीप सिंह 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा अधिकारी रहे हैं. उन्होंने 2022 में सरकारी सेवा छोड़कर ‘न्यूरोकैप’ नाम से ग्लोबल ट्रेडिंग कंपनी शुरू की. अब दिव्या मित्तल के इस्तीफे के साथ उनके 13 साल के प्रशासनिक करियर का भी औपचारिक रूप से अंत हो गया है.
ADVERTISEMENT











