उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का एक बयान तेजी से चर्चा में आ गया है. रायबरेली के ऊंचाहार में सपा से बागी होकर बीजेपी में आए कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे के आवास पर आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान राजा भैया ने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन, 'जेन जी' (Gen Z) और सनातन संस्कृति को लेकर बयान दिया. राजा भैया के इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और सियासत गरमा गई है.
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'ना हमारी सभ्यता से मेल खाता है, ना संस्कृति से'
11 तारीख को शिव महापुराण कथा में पहुंचे राजा भैया ने सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और देश की सुरक्षा पर बात रखी. उन्होंने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों की भाषा पर सवाल उठाए. राजा भैया ने कहा:
"आप लोगों ने देखा है दिल्ली में प्रदर्शन हो रहा था. प्रदर्शन तो हो रहा था पर्चा लीक पर, लेकिन किस तरह की भाषा बोली जा रही थी. भारत के मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे थे, आतंकियों की जय-जयकार हो रही थी. एक नया शब्द चला है 'जैन जी', जो कि ना तो हमारी सभ्यता से मेल खाता है, ना हमारी संस्कृति से मेल खाता है, ना कहीं हमारे आदर्शों से दूर-दूर तक गया है. अभद्रता का प्रदर्शन हुआ. हम मुद्दे की बात नहीं कर रहे हैं, हम प्रदर्शनकारियों की बात कर रहे हैं."
'लंदन से आ रहा था पिज्जा-बर्गर, पाकिस्तान से आ रही थी फंडिंग'
प्रदर्शन के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने का दावा करते हुए राजा भैया ने आरोप लगाया:
"उनको फंडिंग कहां से आ रही थी? फंडिंग मिडिल ईस्ट से आ रही थी, फंडिंग पाकिस्तान से आ रही थी, फंडिंग यूरोप में विघटनकारी शक्तियों द्वारा आ रही थी. आप कल्पना करिए प्रदर्शन दिल्ली में हो रहा है और उनके लिए पिज्जा और बर्गर का ऑर्डर लंदन से जोमैटो पर किया जा रहा है. करना क्या है? भारत को गाली दो, भारतीयता को अपमानित करो."
इसी संबोधन के दौरान उन्होंने लोगों को सजग और सबल बनने की सलाह देते हुए कहा कि आज राष्ट्र और हमारी सभ्यता के सामने कई खतरे हैं, इसलिए समाज को शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र भी धारण करना होगा.
सोशल मीडिया पर हुआ राजा भैया का विरोध
राजा भैया के इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों लिया. आदित्य वर्मा नाम के यूजर ने लिखा कि अगर शत्रु देश से फंडिंग आ रही थी तो विदेश मंत्रालय क्या कर रहा था? संवैधानिक अधिकार के तहत अपनी मांग के लिए प्रदर्शन करना गलत कैसे हो गया? उज्ज्वल डोभाल और भगवान दास जैसे यूजर्स ने भी राजा भैया की सोच और बयान पर सवाल उठाए.
वहीं राजनीतिक नेताओं ने भी राजा भैया के बयान पर निशाना साधा. एक वरिष्ठ नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि सितंबर के महीने में ऐसे बयान आने की वजह आगामी एमएलसी, राज्यसभा और यूपी के चुनाव हैं. नेता ने सवाल उठाया कि अगर आंदोलन में पाकिस्तान से फंडिंग हो रही थी, तो क्या केंद्र सरकार चुपचाप बैठी हुई थी कि वहां से पैसा आए और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें?
शिव महापुराण में जुटा सियासी अमला
मनोज पांडे के यहां चल रही यह कथा धार्मिक आयोजन के साथ-साथ बड़े नेताओं के जमावड़े का केंद्र बनी हुई है. 13 तारीख को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कथा में पहुंचे थे.
इसी बातचीत के दौरान सपा से जुड़े नेता पवन ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए बताया कि उन्हें भी बीजेपी की तरफ से विधायक और मंत्री पद के कई ऑफर आए थे. लेकिन उन्होंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के साथ अपने परिवार के पुराने और मजबूत रिश्तों का हवाला दिया. पवन ने बताया कि गैंगस्टर और अन्य मुकदमों से छूटने के बाद जब मुलायम सिंह यादव उनके घर अंगूरी बाग कॉलोनी आए थे, तब से उनका परिवार सपा के साथ निष्ठा से जुड़ा हुआ है और उनके पिता ने भी उन्हें किसी अन्य दल में न जाने की सख्त हिदायत दी थी.
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