यूपी में एक और मस्जिद पर चलेगा बुलडोजर? खरखौदा थाने वाले केस को लेकर SSP अविनाश पांडे ने बताई ये बात

मेरठ के खरखौदा थाने की जमीन पर कथित रूप से बनी मस्जिद को लेकर विवाद सामने आया है. पुलिस ने मस्जिद प्रबंधन और संबंधित पक्षों से जमीन और निर्माण से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं.

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• 07:50 PM • 19 Jun 2026

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मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में खरखौदा थाने की जमीन पर कथित रूप से बनी एक मस्जिद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले पर मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे ने शुक्रवार को कहा कि जमीन के दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई की जाएगी.

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कैसे सामने आया मामला?

एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि खरखौदा थाने के परिसर में पुलिसकर्मियों के लिए नए रहने के आवास बनाने की योजना है. इसी सिलसिले में जब राजस्व विभाग की मौजूदगी में थाने की जमीन की पैमाइश की जा रही थी, तब बात सामने आई कि थाने के परिसर में एक मस्जिद स्थित है.

दोनों पक्षों को नोटिस, कागजात मांगे गए

मामला सामने आने के बाद थाना प्रभारी ने मस्जिद प्रबंधन और इससे जुड़े अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है. पुलिस ने उनसे मस्जिद के निर्माण और जमीन से जुड़े कानूनी दस्तावेज पेश करने को कहा है.

कागजात जमा होने के बाद उनकी बारीकी से जांच की जाएगी. इसके बाद कानूनी नियमों और अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जो भी निर्देश हैं, उसी के आधार पर आगे का एक्शन लिया जाएगा.

- अविनाश पांडे, एसएसपी

48 घंटे का अल्टीमेटम

इस बीच, स्थानीय संगठन 'अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन' के प्रमुख सचिन सिरोही ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने प्रशासन से 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने की मांग की है. सिरोही ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो हिंदू संगठन मिलकर आंदोलन शुरू करेंगे.

मुस्लिम पक्ष का दावा- हमारे पास हैं वैध दस्तावेज

दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष ने भी प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की है. उनका दावा है कि मस्जिद से जुड़े सभी वैध और कानूनी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं, इसलिए मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए. इस सिलसिले में 'मशरिक जमीयत उलेमा-ए-उत्तर प्रदेश' और नायब शहर काजी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में डीआईजी को एक ज्ञापन भी सौंपा है.