ADM ज्योति को क्यों नहीं भूल पा रहे आलोक मौर्य? खुद बता दी पत्नी के साथ बिताए 14 साल के रिश्ते वाली बात

Alok Maurya about his wife Jyoti: ADM ज्योति मौर्य के पति आलोक मौर्य ने खास बातचीत में स्वीकार किया कि तमाम विवादों और कोर्ट केस के बावजूद वह आज भी पत्नी से बेहद प्यार करते हैं. उन्होंने 14 साल पुराने रिश्ते, संघर्ष और ज्योति को अधिकारी बनाने के सफर को भावुक होकर याद किया.

Alok and Jyoti Maurya

यूपी तक

• 01:27 PM • 23 May 2026

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Alok Maurya about his wife Jyoti: ADM ज्योति मौर्य के पति आलोक मौर्य एक बार फिर चर्चा में हैं. हाल ही में आलोक मौर्य ने यूपी Tak' से खास बातचीत अपनी पत्नी ज्योति मौर्य के रिश्ते को लेकर बात की है.  इस दौरान आलोक मौर्य का अपनी पत्नी के लिए छिपा हुआ प्यार एक बार फिर छलक पड़ा. उन्होंने इमोशनल होते हुए ये स्वीकार किया कि तमाम विवादों, अदालती लड़ाइयों और सोशल मीडिया पर हुई भयंकर ट्रोलिंग के बावजूद वह आज भी अपनी पत्नी ज्योति मौर्य से बेहद प्यार करते हैं और आखिरी सांस तक करते रहेंगे. आलोक ने खुद उन वजहों का खुलासा किया है जिसके चलते 14 साल पुराना यह रिश्ता उनके जेहन से जुदा नहीं हो पा रहा है.

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'याद आता है वो खूबसूरत सफर'

इंटरव्यू के दौरान जब आलोक मौर्य से पूछा गया कि क्या वो आज भी ज्योति से प्यार करते हैं? इसपर उन्होंने इमोशनल होकर कहा कि 'इंसान जिससे सच्चा प्यार करता है, उसे भूल ही नहीं पाता है. हमारा 14 साल का साथ रहा है, बच्चे हैं.  मैं दिनभर अपने सामाजिक काम और ड्यूटी में व्यस्त रहता हूं. लेकिन जब रात को बेड पर लेटता हूं तो वह बातें और पुराना खूबसूरत सफर याद आने लगता है. कोई किसी को चाहकर भी नहीं भूल सकता. विवाद हर पति-पत्नी में होते हैं, हमारे में थोड़े ज्यादा हो गए. लेकिन मैं उनसे आज भी प्यार करता हूं और अपनी आखिरी सांस तक करता रहूंगा.'

आलोक ने पुराना वक्त याद करते हुए बताया कि शुरुआती दौर में उनके बीच बहुत गहरा प्यार था. जब उनका यह बेहद करीबी रिश्ता टूटने लगा, तो वह खुद को संभाल नहीं पाए और कैमरे के सामने उनके आंसू निकल गए. उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रयागराज की पारिवारिक अदालत में दोनों के बीच मीडिएशन चल रही है.

पत्नी के लिए आलोक ने किया संघर्ष

पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मी के पद पर तैनात आलोक मौर्य ने ज्योति मौर्य को अधिकारी बनाने के पीछे के अपने संघर्षों को भी साझा किया. उन्होंने बताया कि साल 2010 में जब उनकी शादी हुई थी, तब उनके पिता ने ज्योति से आगे की इच्छा पूछी थी. इस पर ज्योति ने आगे पढ़ने की ख्वाहिश जताई. आलोक के मुताबिक, उस दौर में ग्रामीण पृष्ठभूमि और संयुक्त परिवार होने के बाद भी उनके माता-पिता ने रूढ़ियों को पीछे छोड़ बहू को आगे बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया और अगले ही दिन तैयारी के लिए प्रयागराज भेज दिया. आलोक ने इस सफर में ज्योति का पूरा सहयोग किया, उनका मनोबल बढ़ाया और उनकी पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए खुद खाना बनाने से लेकर घर में झाड़ू-पोछा तक किया.

क्या है आलोक और ज्योति मौर्य के बीच का विवाद

ज्योति और आलोक मौर्य की शादी 2010 में हुई थी. शादी के बाद शुरुआत में कुछ दिनों तक सबकुछ सामान्य रहा. इस बीच 2015 में ज्योति मौर्य का चयन पीसीएस में हो गया. उन्होंने एसडीएम के रूप में जिम्मेदारी संभाली. एसडीएम बनने के बाद ज्योति मौर्य और आलोक के रिश्तों में दरार आनी शुरू हो गई. जहां ज्योति मौर्य एसडीएम के पद पर काम कर रही थीं तो वहीं आलोक पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे.

आलोक मौर्य ने दावा किया था कि उन्होंने अपनी पत्नी की पढ़ाई में पूरी सहायता की, लेकिन एसडीएम बनने के बाद ही उन्हें नजरअंदाज करना शुरू कर दिया. दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर कई गंभीर आरोप लगाए जिसके बाद मामला पुलिस और कोर्ट तक पहुंचा.