कौन हैं दिव्या मित्तल जिन्होंने 13 साल बाद छोड़ी IAS की नौकरी? पति भी हैं आईएएस

हर्ष वर्धन

• 10:07 AM • 30 Aug 2026

IAS Officer Divya Mittal Resigns: IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है. जानिए उनकी पढ़ाई, LBSNAA में मिले पुरस्कार और मेरठ से देवरिया तक का प्रशासनिक सफर.

IAS Officer Divya Mittal Resigns

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IAS Officer Divya Mittal Resigns: उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद IAS से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने के समय वह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं. सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, दिव्या मित्तल की मौजूदा पोस्टिंग 6 मई 2026 से विशेष सचिव, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के तौर पर थी. अपने इस्तीफे के बाद दिव्या मित्तल चर्चा के केंद्र में आ गई हैं. आइए आपको इस खबर में तफ्सील से हम दिव्या मित्तल के बारे में बताते हैं कि वो कौन हैं, कहां से उन्होंने पढ़ाई की और अबतक उनका IAS की नौकरी में कैसा सफर रहा.

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कौन हैं दिव्या मित्तल?

उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अनुसार, दिव्या मित्तल का जन्म 23 नवंबर 1983 को हुआ था और उनका होम डिस्ट्रिक्ट नई दिल्ली है. उन्होंने IIT दिल्ली से B.Tech और IIM बेंगलुरु से PGDM किया है. उन्होंने 2 सितंबर 2013 को IAS जॉइन किया था और 2 सितंबर 2015 को IAS में उनकी कन्फर्मेशन हुई.

मसूरी में प्रशिक्षण के दौरान मिला अशोक बंबावले पुरस्कार

दिव्या मित्तल ने LBSNAA, मसूरी में IAS प्रशिक्षण लिया. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें पूरे दो साल के प्रशिक्षण घटक में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बैच के एक IAS परिवीक्षार्थी को दिए जाने वाले अशोक बंबावले पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. सिविल सेवा में आने से पहले दिव्या मित्तल लंदन में काम कर चुकी हैं. इसके बाद उन्होंने भारत लौटकर सिविल सेवा का रास्ता चुना.

मेरठ से शुरू हुआ प्रशासनिक सफर

उत्तर प्रदेश में IAS अधिकारी के तौर पर दिव्या मित्तल की पोस्टिंग की शुरुआत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, मेरठ के तौर पर हुई. सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक वह 27 नवंबर 2015 से 2 मई 2017 तक मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रहीं.

इसके बाद 3 मई 2017 से 17 अप्रैल 2018 तक वह गोंडा में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर के पद पर रहीं. फिर 17 अप्रैल 2018 से 15 फरवरी 2019 तक कानपुर नगर में यूपीएसआईडीसी की ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर रहीं.

15 फरवरी 2019 को दिव्या मित्तल की पोस्टिंग बरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी की वाइस चेयरमैन के तौर पर हुई. वह इस पद पर 11 सितंबर 2020 तक रहीं.

संत कबीर नगर और मीरजापुर की DM रहीं

दिव्या मित्तल को 11 सितंबर 2020 को संत कबीर नगर का जिलाधिकारी एवं कलेक्टर बनाया गया. वह 17 सितंबर 2022 तक इस पद पर रहीं.

इसके बाद 17 सितंबर 2022 को उन्हें मीरजापुर का जिलाधिकारी एवं कलेक्टर बनाया गया. वह 1 सितंबर 2023 तक मीरजापुर की DM रहीं.

मीरजापुर से हटने के बाद 4 सितंबर 2023 से 1 फरवरी 2024 तक वह लखनऊ में वेटिंग में रहीं. इसके बाद 1 फरवरी 2024 से 13 जुलाई 2024 तक उन्होंने लखनऊ में CEO, UPRRDA के तौर पर काम किया.

देवरिया की DM के बाद राजस्व विभाग पहुंचीं

13 जुलाई 2024 को दिव्या मित्तल को देवरिया का जिलाधिकारी एवं कलेक्टर बनाया गया. वह 6 मई 2026 तक इस पद पर रहीं.

इसके बाद 6 मई 2026 को उनकी पोस्टिंग उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के तौर पर हुई. यही उनकी IAS सेवा की आखिरी पोस्टिंग रही.

दिव्या मित्तल के पति भी IAS

दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह भी IAS अधिकारी हैं. वह 2011 बैच के IAS हैं. दिव्या मित्तल और गगनदीप सिंह ने शादी के बाद साथ में लंदन में नौकरी जॉइन की थी. हालांकि दोनों का मन नौकरी में नहीं लगा और वे वापस भारत आ गए. इसके बाद दोनों ने दिल्ली आकर IAS की तैयारी शुरू की. गगनदीप सिंह ने 2011 में UPSC क्वॉलिफाई किया, जबकि दिव्या मित्तल ने 2013 में UPSC क्वॉलिफाई किया.

इस्तीफे के बाद दिव्या मित्तल ने क्या कहा?

IAS से इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर अपनी 13 साल की यात्रा को याद करते हुए पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से IAS की 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को विराम दिया है.

उन्होंने अपने पोस्ट में IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई, लंदन में नौकरी और फिर भारत लौटकर IAS अधिकारी बनने के सफर का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अपने देश में न होना उन्हें खलता था और वह अपने देश के लिए कुछ करना चाहती थीं.

दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल को याद करते हुए देवरिया और मीरजापुर में मिले अनुभवों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों के लिए काम करने का मौका मिला और बहुत कुछ सीखने को मिला.

उन्होंने लिखा कि उनके लिए सबसे बड़ा सुकून उस परिवार की आंखों में दिखा, जिसे पहली बार जमीन का हक मिला, उस दिव्यांग में दिखा जिसे सम्मान से जीने का अवसर मिला और उस किसान में दिखा जिसके खेत को पानी मिला.

अपने विदाई संदेश में दिव्या मित्तल ने अपने साथ काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और साथियों का भी आभार जताया. उन्होंने कहा कि लोगों से मिले प्यार, सम्मान और अपनापन ने उनकी झोली भर दी.

अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने लहुरिया दह की पहाड़ी की एक वृद्ध महिला का जिक्र किया, जिसने अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचता देखकर उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया था. दिव्या मित्तल ने कहा कि पद भले छूट गया, लेकिन वह स्पर्श और देश की मिट्टी से मिला सपना नहीं छूटेगा.

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