UP Weather: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर जारी रहेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश और भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने 30 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज को देखते हुए विभाग ने एडवाइजरी जारी की है. ऐसे में आइए जानते हैं कि 30 अगस्त को किन-किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है.
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कैसा होगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग ने 30 अगस्त से 1 सितंबर तक पश्चिमी यूपी के संभागों में कहीं-कहीं पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है. वहीं 2 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश बढ़ सकती है. बता दें कि पश्चिमी यूपी के मुकाबले पूर्वी यूपी में मानसून ज्यादा सक्रिय रहेगा. 30 अगस्त से 31 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है. जबकि 1 और 2 सितंबर को संभाग के अनेक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
30 अगस्त को किन-किन जिलों में होगी बारिश?
मौसम विभाग ने 30 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. सोनभद्र और इसके आसपास के क्षेत्रों में 30 अगस्त को भारी वर्षा की अधिक संभावना जताई गई है जिसके लिए सचेत रहने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग की मानें तो 30 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कुछ स्थानों पर और कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इनमें मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमरोहा, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी और बाराबंकी, चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर जैसे जिले शामिल हैं.
मौसम विभाग की एडवाइजरी
मौसम केंद्र लखनऊ ने भारी बारिश की स्थिति में आम जनजीवन और कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर अलर्ट जारी किया है.
संभावित खतरे: निचली बस्तियों में जलभराव, कच्चे व असुरक्षित ढांचों को नुकसान, बिजली की आपूर्ति में व्यवधान, और मौसमी नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है.
सावधानी के उपाय: अचानक बाढ़ की संभावना वाले क्षेत्रों और उफान पर बह रही नदियों/नालों से दूर रहें. बिजली कड़कने के समय पक्के व सुरक्षित मकानों में आश्रय लें.
किसानों के लिए सलाह: धान, मक्का, गन्ना, अरहर और सब्जी की फसलों में लंबे समय तक पानी जमा न होने दें. खेतों से जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और भारी बारिश के दौरान खेतों में उर्वरक या कीटनाशक का छिड़काव न करें.
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