उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति साल 2025 में अपने सबसे सख्त रूप में नजर आई. साल के आखिरी दिन उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है. साल 2025 में यूपी पुलिस ने रिकॉर्ड 48 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया है. ये 2017 में योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद से किसी भी एक साल में एनकाउंटर का सबसे बड़ा आंकड़ा है.
ADVERTISEMENT
पेश है uptak.in की विशेष ईयर-एंडर रिपोर्ट:
2025: एनकाउंटर के लिहाज से सबसे भारी साल
डीजीपी राजीव कृष्णा ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 20 मार्च 2017 से 29 दिसंबर 2025 तक के विस्तृत आंकड़े साझा किए. इन आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ साल 2025 में ही पुलिस ने अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए 2739 ऑपरेशन्स चलाए. इन मुठभेड़ों में 48 कथित अपराधी मारे गए और 3153 आरोपी घायल हुए. इन साहसिक अभियानों के दौरान यूपी पुलिस का एक जांबाज जवान भी शहीद हुआ.
पिछले 8 सालों के आंकड़ों पर डालिए एक नजर
अगर हम पिछले सालों पर नजर डालें, तो 2025 का आंकड़ा पिछले सात सालों की तुलना में सबसे ऊपर है:
2018: 41 अपराधी ढेर
2019: 34 अपराधी ढेर
2020: 26 अपराधी ढेर
2021: 26 अपराधी ढेर
2022: 13 अपराधी ढेर (सबसे कम)
2023: 26 अपराधी ढेर
2024: 25 अपराधी ढेर
2025: 48 अपराधी ढेर (सबसे अधिक)
2017 से अब तक का पूरा रिपोर्ट कार्ड (20 मार्च 2017 - 29 दिसंबर 2025)
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन के तहत पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस ने संगठित अपराध पर जोरदार प्रहार किया है-
कुल ऑपरेशन्स: 16284 पुलिस मुठभेड़ हुईं.
मारे गए अपराधी: अब तक कुल 266 अपराधी पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं.
घायल अपराधी: कुल 10990 अपराधी इन मुठभेड़ों में घायल हुए.
पुलिस को नुकसान: अपराधियों से लोहा लेते हुए 18 पुलिसकर्मी शहीद हुए, जबकि 1783 जवान घायल हुए.
सेल्फ डिफेंस और कानून का पालन
यूपी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये सभी ऑपरेशन्स संगठित अपराध और आदतन अपराधियों के खिलाफ चलाए गए एक व्यापक अभियान का हिस्सा हैं. पुलिस का कहना है कि ये मुठभेड़ आत्मरक्षा में और पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर की गई हैं.
ये आंकड़े बताते हैं कि 2024 (25 मौतें) की तुलना में 2025 में पुलिस कार्रवाई लगभग दोगुनी तेजी से बढ़ी है. जहां एक तरफ विपक्ष इन एनकाउंटर्स पर सवाल उठाता रहा है, वहीं सरकार इसे प्रदेश की बेहतर कानून व्यवस्था और निवेश के लिए सुरक्षित माहौल का आधार बताती है. साल 2026 की दहलीज पर खड़ा उत्तर प्रदेश अब अपराध मुक्त होने की दिशा में इन कड़े आंकड़ों के साथ आगे बढ़ रहा है.
यह भी पढ़ें: बागपत में कभी मूंगफली बेचने वाला बन गया सिगरेट वाला बाबा! धुंए की फूंक से कर रहा इलाजा और ले रहा इतने पैसे
ADVERTISEMENT









