सपा के दिग्गज नेता विजय सिंह गोंड का निधन, 8 बार विधायक रहे ये जानिए इनकी पूरी कहानी

समाजवादी पार्टी के 8 बार के बिधायक रहे  विजय सिंह गोंड का निधन हो गया है. विजय सिंह गोंड लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे. उनका इलाज लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

Vijay Singh Gond

विधु शेखर मिश्रा

08 Jan 2026 (अपडेटेड: 08 Jan 2026, 02:12 PM)

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समाजवादी पार्टी के 8 बार के विधायक रहे  विजय सिंह गोंड का निधन हो गया है. उनके निधन की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है. सोनभद्र की दुद्धी विधानसभा के विधायक विजय सिंह गोंड लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे. उनका इलाज लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. विजय सिंह गोंड आदिवासी नेता के रूप में पहचाने जाते थे. मिली जानकारी के मुताबिक कल शुक्रवार को दुद्धी के कनहर नदी के किनारे सपा नेता का अंतिम संस्कार किया जाएगा. 

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कौन थे विजय सिंह गोंड

20 अक्टूबर 1955 को सोनभद्र के कटौली ग्राम में जन्मे विजय सिंह गोंड ने विज्ञान में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की. विजय सिंह की शादी साल 1979 में कृष्णा सिंह से हुई थी. उनके तीन बेटे हैं. विजय सिंह गोंड ने अपने करियर की शुरुआत 1979 में वनवासी सेवा आश्रम, गोविन्दपुर में एक सुपरवाइजर के तौर पर की थी. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. मात्र एक साल बाद 1980 में वे पहली बार विधानसभा पहुंचे और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

8 बार से विधायक रह चुके हैं विजय सिंह गोंड

विजय सिंह गोंड की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे 8 अलग-अलग विधानसभाओं के सदस्य रहे.1980 से लेकर 2007 तक वे लगातार 7 बार विधायक चुने गए. राजनीति के उतार चढ़ाव के बीच मई 2024 में हुए उपचुनाव में उन्होंने एक बार फिर जीत दर्ज की और 18वीं विधानसभा के सदस्य के रूप में अपनी 8वीं पारी शुरू की थी. विजय सिंह गोंड का राजनीतिक जीवन संघर्षों से भरा रहा. साल 1992 में उन्हें रासुका (NSA) के तहत मिर्जापुर जेल में 6 महीने तक बंदी बनाकर रखा गया था. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं और उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी भी संभाली.

कब कब बने विधायक

1980-1984:       आठवीं विधान सभा में सदस्य प्रथम बार निर्वाचित. 
1984-1989:        नवीं विधान सभा में सदस्य दूसरी बार निर्वाचित. 
1989-1991:        दसवीं विधान सभा में सदस्य तीसरी बार निर्वाचित. 
1991-1993:        ग्यारहवीं विधान सभा में सदस्य चौथी बार निर्वाचित. 
1993-1996:        बारहवीं विधान सभा में सदस्य पांचवी बार निर्वाचित. 
1996-2002:         तेरहवीं विधान सभा में सदस्य छठी बार निर्वाचित.
2002-2007:         चौदहवीं विधान सभा में सदस्य सांतवी बार निर्वाचित. 
2003:                  मा० राज्य मंत्री, उ०प्र० सरकार (तीन माह मात्र).
2003-2007:         प्रोजेक्‍टस कार्पोरेशन के चेयरमैन. 
मई, 2024:           अट्ठारहवीं विधान सभा के उप चुनाव में सदस्‍य आठवीं बार निर्वाचित.

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