लेटेस्ट न्यूज़

पहले धमकाया फिर महिलाओं के सामने ही CO सतेंद्र सिंह ने दे दी भद्दी गाली! कौन है ये पुलिस का अधिकारी?

UP News: हरदोई पुलिस का शर्मनाक चेहरा सामने आया है. सीओ सतेंद्र सिंह का महिलाओं के सामने गाली-गलौज वाला वीडियो वायरल है. एसपी अशोक कुमार मीणा ने जांच के आदेश दिए हैं.

ADVERTISEMENT

UP News
UP News
social share
Google CTA

UP News: क्या यूपी पुलिस सच में लोगों की 'मित्र' है? हरदोई से जो नजारा सामने आया है उसे देख ऐसा तो कतई नहीं लगता है. सरकार के 'पुलिस मित्र' दावे की पोल खुद CO सत्येंद्र सिंह ने खोल दी है. CO सत्येंद्र सिंह ने उस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया है जिससे इस बात की तस्दीक होती है कि पद का अहंकार उनपर भारी था. कानून के रखवाले ही अगर महिलाओं के सामने गाली-गलोच पर उतर आएंगे तो फिर उम्मीद किस से की जाएगी? हरपालपुर थाना क्षेत्र का जो वीडियो वायरल हुआ है, उसने पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है. एक तरफ सरकार मिशन शक्ति के जरिए महिलाओं के सम्मान की बात करती है. वहीं CO सतेंद्र सिंह का व्यवहार इन दावों की धज्जियां उड़ाता नजर आ रहा है. 

क्या है पूरा मामला?

बुधवार को सवायजपुर एसडीएम मयंक कुंडू के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की टीम दिउसीपुर गांव में जमीन कब्जा मुक्त कराने पहुंची थी. गांव के आदेश शुक्ला की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई के दौरान जब घर की महिलाएं विरोध के रूप में जमीन पर बैठ गईं, तो सीओ सतेंद्र सिंह अपना आपा खो बैठे. वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि सीओ ने महिलाओं को हटाने के लिए धमकाया और उनके सामने खुलेआम गाली दी. उन्होंने महिलाओं को धमकाते हुए कहा, "धरना देने से काम हो जाएगा, इस गलतफहमी में मत रहना."

कौन हैं CO सत्येंद्र सिंह?

यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, सतेंद्र सिंह मूल रूप से यूपी के मेरठ जिले के रहने वाले हैं. उनका जन्म 21 दिसंबर 1975 को हुआ था. साल 2020 में प्रमोशन मिलने के बाद वह डीएसपी (CO) बने थे. मौजूदा वक्त में वह हरपालपुर के सीओ हैं. 

यहां देखें पूरा वीडियो: 


CO सत्येंद्र सिंह ने दी गाली तो थानाध्यक्ष राकेश यादव ने ये किया

सीओ की बदतमीजी के साथ-साथ सांडी थानाध्यक्ष राकेश यादव का भी एक वीडियो वायरल हुआ है. इसमें वे मौके पर कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों को धमका कर भगाते नजर आ रहे हैं. 

SP ने दिया जांच का आदेश

घटना का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है. विपक्ष के नेताओं ने भी इस मामले पर पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए SP अशोक कुमार मीणा ने पूरे प्रकरण की जांच ASP को सौंप दी है.