UP Tak Exclusive: 'सारे आरोप झूठे, हनुमान जी तो हूं नहीं जो सीना फाड़कर...' राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर टिन्नू यादव का पहला बड़ा बयान!

UP Tak Exclusive: राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी विवाद में आरोपी टिन्नू यादव ने यूपी तक से खास बातचीत में खुद को निर्दोष बताया है. जानिए संपत्ति, चंपत राय से संबंध और चोरी के आरोपों पर उन्होंने क्या दावे किए.

Tinnu Yadav Interview UP Tak

Tinnu Yadav Interview UP Tak

संतोष शर्मा

• 03:34 PM • 16 Jun 2026

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UP Tak Exclusive: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी और चोरी के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की टीम ग्राउंड पर जांच कर रही है. इन सब के बीच, इस पूरे विवाद के केंद्र में आए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का पहला और बड़ा बयान सामने आया है. यूपी Tak के रिपोर्टर संतोष शर्मा से फोन पर हुई विशेष बातचीत में टिन्नू यादव ने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल ईर्ष्या और प्रोपेगैंडा करार दिया है.

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चोरी के आरोपों पर बोले टिन्नू- 'कोई चोरी नहीं हुई, सब अनर्गल अलाप है'

अपने ऊपर लगे आरोपों पर टिन्नू यादव ने कहा, "ये सब अनर्गल अलाप रहे हैं लोग. इनको कोई जानकारी नहीं है. जो लोग बता दे रहे हैं, उसी में उड़े जा रहे हैं. कोई चोरी नहीं हुई है. वहां एसबीआई (SBI) काउंटिंग करा रही है, तो चढ़ावे की चोरी कहां से हो जाएगी?."

हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि स्टाफ के 5 लोगों से 70-80 लाख रुपये मिलने की बात सामने आ रही है, तो उन्होंने कहा, "वहां के स्टाफ में जिसने किया है, उनको लोग देख रहे हैं. चंपत राय जी, अनिल जी और गोपाल जी पर जो बता रहे हैं, वो गलत बता रहे हैं. दान पात्र से चढ़ावे की चोरी हुई है या नहीं, यह हमें नहीं पता. मैं केवल अपने ऊपर लगे आरोपों पर अपनी बात बता रहा हूं."

करोड़पति बनने और आलीशान हॉस्टल के दावों पर दी सफाई

कल तक टेंपो चलाने और 22 हजार की नौकरी करने के बाद अचानक करोड़पति बनने और आलीशान हॉस्टल बनाने के आरोपों पर टिन्नू यादव ने अपनी संपत्ति का पूरा सच बताया. उन्होंने कहा, "ये सब लोग ईर्ष्या की वजह से बता रहे हैं. हमारी संपत्ति बढ़ गई है तो उसकी जांच कर लें. यह जमीन मैंने साल 2008 में खरीदी थी. इसका निर्माण साल 2015-16 में हुआ था. यानी कोर्ट का फैसला आने से पहले ही मेरा मकान बन गया था. हमारे टेंपो चलते थे और इस हॉस्टल को हमने रेंट (किराए) पर दिया हुआ है. लोगों को यह सब नहीं मालूम है और आज के 40 साल पहले की घटना को आज उजागर कर बता रहे हैं."

ट्रस्ट में क्या थी जिम्मेदारी? टिन्नू ने खुद बताया अपना काम

टिन्नू यादव ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को भी खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि वह ट्रस्ट के बहुत पावरफुल मैन हैं और सिक्योरिटी से लेकर बैंक तक पैसा भेजने का काम वही देखते थे. उन्होंने कहा, "मंदिर ट्रस्ट में सेवा करने के लिए हमको लगाया गया था. हम बस मंदिर परिसर में रहते थे और सेवा करते थे जैसे कहां पंखा टंगवाना है, कहां साफ-सफाई करानी है और कहां पानी दिखवाना है. जो लोग कह रहे हैं कि नोट गिनने वालों की तलाशी कैसे होती है, वहां कितने लोग हैं, उस बारे में मैं नहीं बता पाऊंगा क्योंकि उस विषय से मेरा कोई लेना-देना नहीं है."

'चंपत राय जी से रोज होती है बात, SIT बुलाएगी तो जरूर जाऊंगा'

टिन्नू यादव ने संगठन से अपने पुराने जुड़ाव को स्वीकार करते हुए बताया कि वह 1993 से संगठन में काम कर रहे हैं. चंपत राय से बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा, "हमारी तो चंपत राय जी से रोज बात होती है. कल भी भेंट हुई थी और परसों भी हुई थी."

एसआईटी (SIT) की जांच को लेकर टिन्नू ने साफ कहा कि अभी तक उनसे किसी भी आधिकारिक टीम ने पूछताछ नहीं की है. उन्होंने कहा, "अभी मुझसे एसआईटी ने कोई पूछताछ नहीं की है. लेकिन अगर एसआईटी जांच के लिए बुलाएगी, तो मैं बिल्कुल जाऊंगा. अब एसआईटी गठित हो गई है और जांच कर रही है, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो ही जाएगा. सच जो है, भगवान उसे सामने देख रहे हैं."

टिन्नू यादव ने आखिर में कहा कि उनके पास कोई छुपाने के लिए चीज नहीं है. उन्होंने कहा, "कोई प्रूफ हो तो सामने रखे. आदमी को जलन हो रही होगी. अब मैं हनुमान जी तो हूं नहीं जो सीना फाड़ के दिखाऊं कि लोग मुझसे क्यों जलते हैं! समाज में अनेक प्रकार के लोग हैं."