Coaching Safety Check News: राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कोचिंग संस्थानों समेत सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों में प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, विकास प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं. शुरुआती कार्रवाई में कई कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, भवन मानकों और आवश्यक पंजीकरण से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आई हैं. प्रयागराज, कानपुर, नोएडा, वाराणसी, गोरखपुर, उन्नाव, मिर्जापुर और अन्य शहरों में कई संस्थानों पर सीलिंग और नोटिस जैसी कार्रवाई की गई है, जबकि बड़ी संख्या में संस्थान जांच के दायरे में हैं.
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इन जिलों में सबसे बड़ी कार्रवाई
प्रयागराज में सिविल लाइंस स्थित खान सर के खान ग्लोबल क्लासेज को प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने सील कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक, जिस भवन में कोचिंग संचालित हो रही थी, उसका उपयोग स्वीकृत श्रेणी के अनुरूप नहीं था. कार्रवाई से पहले छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और भवन पर सीलिंग का नोटिस चस्पा कर दिया गया. वहीं नोएडा में सेक्टर-104 स्थित ओम कोचिंग सेंटर और सेक्टर-49 स्थित बासु कोचिंग सेंटर को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया. जांच के दौरान एक संस्थान में केवल एक संकरा प्रवेश-निकास मार्ग मिला, जबकि दूसरे में तीन मंजिलों पर कक्षाएं चल रही थीं लेकिन आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं थी. दोनों जगह फायर एनओसी और आवश्यक पंजीकरण भी नहीं मिले. उधर कानपुर के काकादेव क्षेत्र में विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 30 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील किया गया. कई जगह बेसमेंट पार्किंग को क्लासरूम में बदलकर इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर उल्लंघन माना गया.
इन जिलों में भी मिली खामियां
वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कुछ कोचिंग संस्थानों के बेसमेंट में डीजल, पेट्रोल, जनरेटर, लकड़ी का कबाड़ और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी मिली. एक संस्थान ऐसी इमारत में संचालित पाया गया जिसका मानचित्र स्वीकृत नहीं था, जिसके बाद पूरी इमारत को सील करने का आदेश दिया गया. गोरखपुर में कई संस्थानों में फायर अलार्म और अग्निशमन उपकरण मानकों के अनुरूप नहीं मिले, जबकि कुछ भवनों में केवल एक ही सीढ़ी पाई गई. अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं. उन्नाव में तीन कोचिंग संस्थानों को सीज किया गया, जबकि मिर्जापुर में करीब एक दर्जन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
आगरा में टला बड़ा हादसा
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने कोचिंग संस्थानों के साथ होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक भवनों का भी निरीक्षण शुरू किया है. अब तक 206 मामलों में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां चिन्हित की गई हैं, जिनमें से 56 मामलों में सीलिंग जैसी कार्रवाई शुरू हो चुकी है. बांदा में कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान कई निजी अस्पतालों में फायर उपकरण केवल औपचारिकता के तौर पर लगे मिले और कई उपकरण काम नहीं कर रहे थे. इसके बाद 24 घंटे के भीतर सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए. वहीं आगरा के आकाश इंस्टीट्यूट में बेसमेंट से धुआं उठने की घटना सामने आई, लेकिन जांच में शॉर्ट सर्किट कारण पाया गया. संस्थान प्रबंधन ने समय रहते छात्रों को बाहर निकाल लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और प्रशासन ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था को संतोषजनक बताया.
सरकार ने सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा, 'प्रदेश में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराया जा रहा है. जो संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.' उन्होंने कहा, 'भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं का ऑडिट कराया जा रहा है. विद्यार्थियों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.' सरकार का कहना है कि निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और जहां भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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