माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत के बाद उसके जनाजे और सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए जेल में बंद उसके दोनों भाइयों अली अहमद और उमर अहमद को प्रयागराज लाया जाएगा. दोनों को पैरोल मंजूर हो गई है. जानकारी के मुताबिक झांसी जेल में बंद अली अहमद और लखनऊ जेल में बंद उमर अहमद को आज रात 8 बजे तक प्रयागराज पहुंचना है. दोनों को संबंधित जेलों से जिला पुलिस अपनी निगरानी में प्रयागराज लेकर आएगी.
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दोनों भाइयों को प्रयागराज लाने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे. इसके साथ ही अबान के अंतिम संस्कार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर भी पुलिस और प्रशासन की नजर रहेगी. अबान अहमद की डेडबॉडी झांसी से सीधे हटवा गांव पहुंच चुकी है. उसका अंतिम संस्कार कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाना है.
अबान का अली से था ज्यादा लगाव
जेल सूत्रों के मुताबिक, अबान की मौत की खबर सुनते ही अली सदमे में आ गया था और फूट-फूटकर रोने लगा. जेल कर्मियों ने उसे संभालने की कोशिश की. लेकिन उसकी आंखों से आंसू नहीं रुके. काफी देर समझाने के बाद जब उसे खाना खाने के लिए कहा गया तो उसने खाने को हाथ तक नहीं लगाया.
शाम को भी उसकी बैरक में खाना पहुंचाया गया, लेकिन वह गुमसुम रहा और सिसकियां लेता रहा. जेल सूत्रों के मुताबिक, अली ने रातभर करवटें बदलते हुए सिसकियां लेते हुए रात गुजारी. बताया जाता है कि अली और अबान के बीच काफी लगाव था. यही वजह थी कि अबान अक्सर अली से मुलाकात करने आता था.
झांसी में हुआ था हादसा
अबान अहमद की मौत झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए सड़क हादसे में हुई थी. तेज रफ्तार क्रेटा कार डिवाइडर से टकरा गई थी. हादसे में अबान अहमद और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे. हादसे के बाद घायलों को तत्काल झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया.
इधर, अबान अहमद की मौत की खबर जैसे ही झांसी जेल में बंद उसके भाई अली अहमद को मिली, वह फूट-फूटकर रोने लगा. जेल सूत्रों के अनुसार, अली ने दोपहर में खाना नहीं खाया और शाम को भी खाने से इनकार कर दिया. वह सिसकियां लेते और करवट बदलते हुए रातभर गम में डूबा रहा.
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