विकसित यूपी 2047 के तहत शहरों के कायाकल्प की योजना, लखनऊ बनेगा एससीआर और क्षेत्रीय आर्थिक केंद्रों से बढ़ेगा निवेश व रोजगार

Viksit UP 2047: ‘विकसित यूपी@2047’ विजन के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी विकास का व्यापक रोडमैप तैयार किया है. ‘लिवेबल सिटीज मिशन’, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट, डिजिटल सेवाएं और पर्यावरण संरक्षण जैसी योजनाओं के जरिए शहरों को आधुनिक और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

CM Yogi

यूपी तक

• 02:24 PM • 05 Apr 2026

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Viksit UP 2047: उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक राज्य को विकसित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लक्ष्य के तहत शहरी विकास का व्यापक रोडमैप तैयार किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘विकसित यूपी@2047’ विजन के अनुरूप तैयार इस योजना का उद्देश्य शहरों को आधुनिक, डिजिटल, सुगम और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है. इस रोडमैप में बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने, सतत विकास को बढ़ावा देने और नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है.

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राज्य राजधानी क्षेत्र और क्षेत्रीय आर्थिक केंद्रों का होगा विकास

सरकार की योजना के अनुसार, राजधानी लखनऊ को राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके साथ ही प्रदेश में कई क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो स्थानीय स्तर पर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे.

इन आर्थिक केंद्रों का विकास राज्य की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाएगा, जिससे प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके. इससे औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम से सुधरेगी शहरी यातायात व्यवस्था

‘विकसित यूपी 2047’ के तहत शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है. इसके लिए मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसमें मेट्रो, रैपिड रेल, इलेक्ट्रिक बसें और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी.

सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ाकर इसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक पहुंचाने का है. इससे लोगों को किफायती और सुविधाजनक परिवहन मिलेगा, साथ ही ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या में भी कमी आएगी.

‘लिवेबल सिटीज मिशन’ से 15 मिनट में मिलेंगी जरूरी सुविधाएं

इस रोडमैप का एक प्रमुख हिस्सा ‘लिवेबल सिटीज मिशन’ है, जिसके तहत शहरों में स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार और अन्य आवश्यक सुविधाएं लोगों के घर से 15 मिनट की दूरी पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.

इस पहल से नागरिकों का समय बचेगा, यातायात का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी. साथ ही, शहरों में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में यह मिशन अहम भूमिका निभाएगा.

जीआईएस आधारित संपत्ति मानचित्रण और डिजिटल सेवाओं पर जोर

शहरी प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जीआईएस आधारित संपत्ति मानचित्रण और कर प्रणाली लागू की जाएगी. इससे कर संग्रह की प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगी.

इसके साथ ही, एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से शहरों की रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी. सभी शहरी स्थानीय निकायों में नागरिक सेवाओं को 100 प्रतिशत डिजिटल बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे सेवाओं की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा.

जल आपूर्ति, टाउनशिप और डेटा आधारित योजना पर फोकस

रोडमैप के तहत प्रदेश के सभी जिलों में विकास प्राधिकरणों का गठन करने की योजना है. इसके अलावा 100 प्रतिशत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने और थीम आधारित टाउनशिप विकसित करने पर भी काम किया जाएगा.

राज्य में ‘उत्तर प्रदेश शहरी वेधशाला’ की स्थापना की जाएगी, जो डेटा आधारित योजनाओं और भविष्य के पूर्वानुमान तैयार करने में मदद करेगी. इससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा.

पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘स्पंज सिटी’ पहल को बढ़ावा

पर्यावरणीय चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ‘स्पंज सिटी’ मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके तहत वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित किया जाएगा और झीलों व तालाबों का पुनरुद्धार किया जाएगा.

इस पहल का उद्देश्य भूजल स्तर को बढ़ाना, बाढ़ के खतरे को कम करना और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र को मजबूत करना है. साथ ही, अपशिष्ट-से-ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर ‘शून्य-लैंडफिल’ शहरों का लक्ष्य भी तय किया गया है.

समावेशी विकास और बेहतर जीवन स्तर पर जोर

सरकार आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए आवास योजनाओं को तेज करने पर भी काम कर रही है. मिश्रित भूमि उपयोग और योजनाबद्ध शहरीकरण के माध्यम से सभी वर्गों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है.

इन सभी रणनीतिक बदलावों के जरिए उत्तर प्रदेश के शहरों को आत्मनिर्भर, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार बनाने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का उद्देश्य है कि वर्ष 2047 तक प्रदेश के शहर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के साथ विकास की दौड़ में अग्रणी भूमिका निभाएं.

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