यूपी का ललितपुर फार्मा पार्क बनेगा एक्सपोर्ट हब, मल्टीमोडल कनेक्टिविटी के लिए हुआ समझौता

Lalitpur Pharma Park: यूपीसीडा और जेएनपीए के बीच हुए एमओयू से ललितपुर फार्मा पार्क को मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी मिलेगी. इस पहल से फार्मा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और उत्तर प्रदेश को वैश्विक फार्मा हब बनाने की दिशा में मदद मिलेगी.

CM Yogi

यूपी तक

• 01:39 PM • 05 Apr 2026

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Lalitpur Pharma Park: उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (जेएनपीए) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इस समझौते से ललितपुर फार्मा पार्क को वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की राह मजबूत होगी और उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधे जोड़ने में मदद मिलेगी.

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यूपीसीडा और जेएनपीए के बीच हुआ महत्वपूर्ण समझौता

ललितपुर फार्मा पार्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के उद्देश्य से यूपीसीडा और जेएनपीए के बीच यह अहम एमओयू किया गया. इस समझौते पर यूपीसीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय किरण आनंद और जेएनपीए के अध्यक्ष गौरव दयाल ने हस्ताक्षर किए.

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को वैश्विक बाजारों से निर्बाध रूप से जोड़ना और निर्यात गतिविधियों को तेज करना है. इससे फार्मा सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

मल्टीमोडल नेटवर्क से जुड़ेगा फार्मा पार्क

समझौते के तहत दादरी-खुर्जा रेल लिंक का उपयोग करते हुए ललितपुर फार्मा पार्क को पश्चिमी और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC और EDFC) से जोड़ा जाएगा. इस मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के जरिए औषधीय उत्पादों का तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन संभव होगा.

यह नेटवर्क फार्मा उत्पादों को सीधे जेएनपीए तक पहुंचाने में सक्षम होगा, जो देश का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है और 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों से जुड़ा हुआ है. इससे निर्यात प्रक्रिया आसान और तेज होगी.

मुख्यमंत्री के विजन को मिलेगा नया बल

यूपीसीडा के सीईओ विजय किरण आनंद ने बताया कि ललितपुर फार्मा पार्क मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस परिकल्पना का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को औषधि निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना लक्ष्य है.

इस समझौते से निवेशकों को विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता में वृद्धि होगी. साथ ही, फार्मा इकाइयों को कच्चे माल के आयात और तैयार उत्पादों के निर्यात के लिए सुगम व्यवस्था मिलेगी, जिससे निर्यात-आयात गतिविधियों में तेजी आएगी.

तकनीकी सहयोग से मजबूत होगी सप्लाई चेन

इस साझेदारी के तहत फार्मा उद्योग की जरूरतों के अनुसार तकनीकी और परिचालन सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा. इससे उद्योगों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और अन्य संबंधित हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा.

साथ ही, यह पहल राज्य के औद्योगिक विकास को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेगी, जिससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा और उत्तर प्रदेश निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनेगा.

रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

ललितपुर फार्मा पार्क औद्योगिक कॉरिडोर के निकट स्थित होने के कारण दादरी-खुर्जा रेल लिंक के जरिए वैश्विक शिपिंग मार्गों से सीधे जुड़ सकेगा. इससे निर्यात-उन्मुख विनिर्माण को नई गति मिलेगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल औद्योगिक विकास को तेज करेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी, निवेश को आकर्षित करेगी और उत्तर प्रदेश को फार्मा निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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