MBA की पढ़ाई करने के लिए किडनी बेचने की बात कहने वाले आयुष के गांव वालों ने अलग ही कहानी बता दी, जानकर चौंक जाएंगे

Ayush Kidney Case: कानपुर में किडनी बेचने का दावा करने वाले आयुष की निकली काली सच्चाई. ऐयाशी के लिए बेची 15 बीघा जमीन, एयर होस्टेस से की शादी और नशे की लत से तंग आकर पिता ने की थी खुदकुशी. 2021 से गांव नहीं लौटा आयुष. बेसहारा मां को भी छोड़ा.

Aayush

यूपी तक

08 Apr 2026 (अपडेटेड: 08 Apr 2026, 01:15 PM)

follow google news

Ayush Kidney Case: MBA की पढ़ाई पूरी करने के लिए कानपुर में किडनी बेचने की शिकायत के बाद सुर्खियों में आए आयुष की कहानी में एक बड़ा उलटफेर सामने आया है. बेगूसराय के औगान गांव के रहने वाले आयुष को लोग  अब तक बेचारा समझ रहे थे. लेकिन उसके गांव वालों ने उसे लेकर जो कहानी बताई है वो चौंकाऊ है. आयुष ने दावा किया था कि उसने गरीबी और पढ़ाई के लिए किडनी बेची है.लेकिन हकीकत यह है कि आयुष ना तो एमबीए का छात्र है और न ही उसकी जमीन गरीबी के कारण गिरवी है. सच तो यह है कि आयुष ने अपने ऐशो-आराम और गलत आदतों के लिए अपने हिस्से की 15 बीघा पुश्तैनी जमीन बेच डाली.वहीं उसकी मां गांव में अकेले रहकर अपनी जिंदगी गुजार रही हैं.

यह भी पढ़ें...

पिता की मौत के बाद आयुष ने बेच डाली अपनी जमीन

आयुष के पिता राजेश चौधरी एक संपन्न जमींदार थे और बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे. उन्होंने आयुष का एडमिशन विशाखापट्टनम के चैतन्य इंस्टीट्यूट में कराया था.लेकिन वहां आयुष का मन पढ़ाई से ज्यादा प्रेम-प्रसंग और नशाखोरी में रम गया.बेटे की बिगड़ती आदतों और गलत संगत से परेशान होकर पिता राजेश चौधरी ने 2017 में आत्महत्या कर ली थी. पिता की मौत के बाद आयुष और ज्यादा बेलगाम हो गया. पिता के गुजरने के चंद महीनों बाद ही उसने अपनी जमीन बेचनी शुरू कर दी. गांव में वह झूठ बोलता था कि वह देहरादून में पढ़ रहा है.जबकि वह दोस्तों के साथ पैसे उड़ा रहा था.

एयर होस्टेस से शादी और 3 महीने में खत्म हुआ रिश्ता

आयुष की जिंदगी में एक नया मोड़ तब आया जब उसे उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक एयर होस्टेस से प्यार हो गया. साल 2018 में वह उसे अपने गांव ले आया. ग्रामीणों के दबाव में उसने देवघर जाकर अपनी प्रेमिका दीपा से शादी की.लेकिन यह शादी महज तीन महीने ही चली. पत्नी के छोड़कर जाने के बाद आयुष ने जमकर जमीन बेची और अपनी संपत्ति स्वाहा कर दी.

घर में अकेली है विधवा मां

गांव वालों के मुताबिक,आयुष साल 2021 के बाद कभी गांव नहीं लौटा.उसके छोटे भाई ऋषभ ने भी उसकी हरकतों की वजह से उसे घर में रखने से इनकार कर दिया था. आज स्थिति यह है कि गांव का कोई भी व्यक्ति आयुष का नाम तक नहीं सुनना चाहता. घर में उसकी बूढ़ी मां रीता देवी अकेली रहती हैं जिनका हाल जानने की जहमत आयुष ने पिछले 5 सालों में कभी नहीं उठाई.