Bahraich ROB: उत्तर पूर्व रेलवे ने बहराइच रेलवे यार्ड के लेवल क्रॉसिंग संख्या-40A पर बने नए रोड ओवरब्रिज को पूरी तरह से चालू कर दिया है. बेहद खूबसूरत और आधुनिक बो-शेप्ड (धनुषाकार) डिजाइन में बने इस ओवरब्रिज के शुरू होने से अब बहराइच वासियों को रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है.
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रेलवे प्रशासन के मुताबिक, इस नए ओवरब्रिज के बन जाने से अब रेल और सड़क यातायात दोनों बिना किसी रुकावट के एक साथ और पूरी तरह सुरक्षित तरीके से चल सकेंगे. पहले जब भी ट्रेनों के आने-जाने के लिए इस लेवल क्रॉसिंग का फाटक बंद किया जाता था, तो सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती थीं. स्थानीय लोगों, व्यापारियों और राहगीरों को घंटों जाम से जूझना पड़ता था.
प्रोजेक्ट की 3 बड़ी बातें
- क्रॉसिंग 40A पर अब गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे स्थानीय लोगों का कीमती समय और ईंधन दोनों बचेगा.
- ओवरब्रिज न सिर्फ मजबूत है, बल्कि अपने धनुषाकार डिजाइन की वजह से बहराइच यार्ड की खूबसूरती को भी बढ़ा रहा है.
- रेलवे और सड़क गाड़ियों की आवाजाही अब एक-दूसरे को प्रभावित किए बिना, पूरी तरह सुरक्षित ढंग से होगी.
उत्तर पूर्व रेलवे ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात की पुष्टि की है कि इस ओवरब्रिज के शुरू होने से बहराइच शहर की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई मजबूती मिली है.
उत्तर पूर्व रेलवे क्या है?
उत्तर पूर्व रेलवे, जिसे अंग्रेजी में नोर्थ ईस्टर्न रेलवे (North Eastern Railway) या संक्षेप में NER कहा जाता है, भारतीय रेलवे के 18 प्रमुख जोनों में से एक है. इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए कि भारतीय रेलवे का नेटवर्क बहुत बड़ा है, इसलिए प्रशासनिक सुविधा और बेहतर देखरेख के लिए पूरे देश के रेल नेटवर्क को अलग-अलग हिस्सों या जोन में बांटा गया है. उत्तर पूर्व रेलवे उन्हीं में से एक हिस्सा है.
- इसका मुख्य प्रशासनिक कार्यालय उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में स्थित है.
- मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और पश्चिमी जिलों, बिहार के कुछ पश्चिमी हिस्सों और उत्तराखंड राज्य के रेल नेटवर्क को संभालता है. इसीलिए बहराइच का रेलवे स्टेशन इसी जोन के अंतर्गत आता है.
- इस पूरे जोन को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसे 3 छोटे हिस्सों यानी मंडलों में बांटा गया है, लखनऊ, वाराणसी और इज्जत नगर (बरेली).
चूंकि यह क्षेत्र कई प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों (जैसे- वाराणसी, अयोध्या का कुछ हिस्सा, सारनाथ, कुशीनगर, मथुरा) को जोड़ता है, इसलिए इसे भारतीय रेलवे का एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त जोन माना जाता है.
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