NOIDA के बाद बुंदेलखंड को मिलेगा दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक शहर, 5.6 लाख लोगों को मिलेगा बंपर रोजगार!

Bundelkhand Development: नोएडा की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब यूपी को अपना दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक शहर मिलने वाला है. बुंदेलखंड में लगभग 253 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्रफल में 'बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण' यानी बीडा (BIDA) विकसित किया जा रहा है.

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यूपी तक

• 06:45 PM • 22 Jun 2026

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Bundelkhand Development: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इतिहास में साल 2026 विकास का एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. नोएडा की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब यूपी को अपना दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक शहर मिलने वाला है. बुंदेलखंड में लगभग 253 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्रफल में 'बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण' यानी बीडा (BIDA) विकसित किया जा रहा है, जो राज्य में निवेश, रोजगार और आधुनिक शहरी विकास का एक नया केंद्र बनेगा.

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'गिफ्ट सिटी' की तर्ज पर होगा विकास

बीडा (BIDA) केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह बुंदेलखंड के संपूर्ण विकास का एक मास्टर ब्लूप्रिंट है. इसे गुजरात के अहमदाबाद स्थित 'गिफ्ट सिटी' (GIFT City) की तर्ज पर एक वैश्विक व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक टाउनशिप, कमर्शियल हब और स्मार्ट शहरी सुविधाओं के साथ-साथ बड़े उद्योगों और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) के लिए जगह तैयार की जा रही है. इस योजना के तहत दुनिया की प्रतिष्ठित फॉर्च्यून 500 कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करने का खाका तैयार किया गया है.

शानदार कनेक्टिविटी बनी निवेशकों की पहली पसंद

बुंदेलखंड अब अपनी बेहतरीन कनेक्टिविटी के कारण देश और दुनिया के बड़े निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और राष्ट्रीय राजमार्गों के मजबूत नेटवर्क ने इस पूरे क्षेत्र को देश के प्रमुख आर्थिक गलियारों और बंदरगाहों से सीधे जोड़ दिया है, जिससे यहां व्यापारिक संभावनाएं कई गुना बढ़ गई हैं.

5.6 लाख से अधिक रोजगार और पलायन पर लगेगी रोक

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सबसे बड़ा और सीधा लाभ बुंदेलखंड के युवाओं को मिलेगा. एक अनुमान के मुताबिक, इस परियोजना में 1.51 लाख करोड़ रुपये का संभावित निवेश आएगा, जिससे रोजगार के 5.6 लाख से अधिक नए अवसर पैदा होंगे. इसका सबसे सकारात्मक असर यह होगा कि अब स्थानीय युवाओं को नौकरी की तलाश में अपना घर-परिवार छोड़कर दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना से रोजगार खुद बुंदेलखंड की धरती पर चलकर आएगा.

पिछड़ेपन की छवि छोड़ यूपी का 'पावरहाउस' बना बुंदेलखंड

जो बुंदेलखंड कभी पानी की कमी और विकास के लिए कड़े संघर्ष का प्रतीक माना जाता था, आज वही क्षेत्र औद्योगिक प्रगति और वैश्विक निवेश का नया केंद्र बन चुका है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुंदेलखंड ने अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़ दिया है. अब यह आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के एक नए 'पावरहाउस' के रूप में उभर रहा है. बीडा जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेगी.