भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली और 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का भव्य समापन समारोह लखनऊ में आयोजित हुआ. इस समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित हुए. राष्ट्रपति ने इस अवसर पर युवा शक्ति को देश के भविष्य निर्माण और संस्कृति के संरक्षण की कुंजी बताया. राष्ट्रपति मुर्मू ने विभिन्न देशों, राज्यों और संगठनों के स्काउट्स एंड गाइड्स की टीमों की मार्च पास्ट से सलामी ली. इस दौरान 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई.
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राष्ट्रपति मुर्मू का आह्वान: विकसित भारत का लक्ष्य 2047
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे युवा देश के भविष्य निर्माता और संस्कृति के संरक्षक हैं. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक दीपक से अनेक दीपक जलाए जा सकते हैं, उसी तरह एक सशक्त और संवेदनशील व्यक्ति कई अन्य लोगों को सशक्त और संवेदनशील बना सकता है. राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अपनी विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर खड़ा है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हमारे सामने है. यह तभी संभव है जब देश की 65 प्रतिशत जनसंख्या, जो 35 वर्ष से कम उम्र की है, दृढ़ता से इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करे.
उन्होंने युवाओं को उचित मंच प्रदान करने के सरकारी प्रयासों का उल्लेख करते हुए 'मेरा युवा' जैसी पहल को महत्वपूर्ण बताया, जो युवाओं को सशक्त बनाने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण के सार्थक कार्यों से जोड़ने के लिए समर्पित है. राष्ट्रपति ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की सबसे बड़ी विशेषता उनके सेवा के भाव को बताया. उन्होंने कहा कि बाढ़, भूकंप और महामारी जैसी आपदाओं में यह संगठन हमेशा सहायता के लिए सबसे आगे खड़ा दिखाई देता है.
63 लाख से अधिक स्काउट्स, 25 लाख से ज्यादा गाइड्स
राष्ट्रपति ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की उपलब्धियों की सराहना करते हुए बताया कि यह विश्व के सबसे बड़े संगठनों में से एक है. आज भारत में 63 लाख से अधिक स्काउट्स एंड गाइड्स हैं, जिसमें 25 लाख से अधिक गाइड्स (लड़कियाँ) हैं. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बेटियों ने समाज और मानवता के कल्याण के लिए अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रगति के मार्ग को चुना है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि इस संगठन ने समय के साथ जीवन कौशल, नेतृत्व, पर्यावरण जागरूकता और व्यक्तित्व विकास जैसे कार्यक्रम शुरू करके खुद को आधुनिक बनाया है. राष्ट्रपति ने इस जम्बूरी को 'ग्रीन जम्बूरी' करार दिया, जहां कम्पोस्टिंग, वेस्ट सेग्रीगेशन और प्लास्टिक मुक्त परिसर जैसे पर्यावरण-अनुकूल कदम उठाए गए.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी को भारत की युवा ऊर्जा का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि 61 वर्षों के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जम्बूरी का सफल आयोजन प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है. सीएम ने बताया कि जम्बूरी कार्यक्रम की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप 'विकसित युवा विकसित भारत' थी. उन्होंने कहा कि बीते पांच दिनों से प्रदेश की राजधानी लखनऊ भारत की युवा ऊर्जा के अनुशासन, धैर्य और चुनौती को समझने की सामर्थ्य को देख रही है. यहां एडवेंचर और विभिन्न प्रकार की सकारात्मक गतिविधियों ने एक नई ऊर्जा का संचार किया है. सीएम ने इस सफल आयोजन की तुलना प्रयागराज महाकुंभ-2025 से करते हुए कहा कि इस जम्बूरी कार्यक्रम ने महाकुंभ की यादों का पुनः स्मरण कराया है, जहां विश्व शांति और एकता का संदेश गया था.
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस अवसर पर कहा कि स्काउटिंग और गाइडिंग केवल कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन के उस पवित्र पथ का नाम है, जो युवाओं को शारीरिक, मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक रूप से जाग्रत बनाता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कहते हैं कि 'युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है', और वर्ष 2047 का विकसित भारत युवा शक्ति के ही हाथों से आकार लेगा. राज्यपाल ने कहा कि स्काउटिंग सिर्फ कौशल नहीं देती, बल्कि करुणा, निष्ठा, साहस और मानवता जैसे मूल्यों का कवच भी प्रदान करती है, जो राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं और विश्व शांति का आधार बनते हैं.
समापन समारोह में भारत की राष्ट्रपति, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा कई अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद थे. इनमें मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, उत्तर प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जैन, प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के मुख्यायुक्त केके खंडेलवाल, प्रदेश मुख्यायुक्त डॉ. प्रभात कुमार समेत देश-विदेश से आए हजारों स्काउट्स एंड गाइड्स शामिल रहे.
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