UP News: लखनऊ और बाराबंकी को बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों से जोड़ने वाले संजय सेतु पुल को यातायात के लिए दोबारा खोल दिया गया है. 8 जून 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे से इस पुल पर गाड़ियों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है.
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, उन्होंने इस पुल का मरम्मत कार्य तय समय से पहले ही निपटा लिया है. पहले इस काम को पूरा करने के लिए 15 जून 2026 तक का समय तय किया गया था, लेकिन एनएचएआई ने ये काम एक हफ्ते पहले ही खत्म कर लिया है.
क्यों बंद था पुल और अब क्या बदला?
पुल की मरम्मत का काम पूरी तेजी और सुरक्षा के साथ हो सके, इसके लिए इस साल 16 अप्रैल 2026 से पुल पर गाड़ियों का आना-जाना पूरी तरह बंद कर दिया गया था. करीब पौने दो महीने बंद रहने के बाद अब जब यह पुल खुला है तो इलाके के लोगों का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाएगा.
मरम्मत के दौरान पुल की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया गया है. इसमें जरूरी तकनीकी सुधार किए गए हैं, जिससे अब इस पर सफर करते समय यात्रियों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी और गाड़ियां बिना किसी रुकावट के फर्राटा भर सकेंगी.
क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
संजय सेतु सिर्फ एक पुल नहीं है, बल्कि इस पूरे इलाके की लाइफलाइन है. ये पुल न केवल आम लोगों के रोजमर्रा के सफर को आसान बनाता है, बल्कि इस एरिया के व्यापार, कारोबार और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी बेहद जरूरी है. इसके दोबारा शुरू होने से लखनऊ, बाराबंकी, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर के बीच का कनेक्शन और मजबूत होगा.
यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी. माल ढुलाई (परिवहन व्यवस्था) बेहतर होने से स्थानीय बाजारों को फायदा मिलेगा.
NHAI के अधिकारियों का कहना है कि वे देश के लोगों को सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद सड़कें देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. संजय सेतु को समय से पहले चालू करना इसी कोशिश का एक हिस्सा है, ताकि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके.
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