कुल हुवल्लाह पढ़ने से ताकत आई... शामली का आयुष मलिक बना मोहम्मद अली, अल्हम्दुलिल्लाह कहते हुए बोला- चांदनी से 4 साल पहले हुआ निकाह

शामली के बहुचर्चित धर्मांतरण मामले में पीड़ित आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने खुद सामने आकर अपनी कहानी बताई है. जहां पुलिस इसे करोड़ों की 'भारत मेडी शॉप' हड़पने का ब्रेनवॉश रैकेट बता रही है, वहीं आयुष ने चांदनी कुरैशी का बचाव किया है. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.

Ayush Malik Alias Mohammad Ali

Ayush Malik Alias Mohammad Ali

अरविंद ओझा

• 12:47 PM • 08 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश के शामली जिले का कथित सुनियोजित धर्मांतरण मामला इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. शामली पुलिस द्वारा इस मामले में फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किए जाने के बाद यूपी Tak की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर पीड़ित बताए जा रहे युवक आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली से खास बातचीत की है. इस बातचीत में युवक ने अपने धर्म परिवर्तन की पूरी कहानी सिलसिलेवार ढंग से बयां की है. वहीं दूसरी तरफ पुलिस और जांच एजेंसियां इसे करोड़ों रुपये की बेशकीमती संपत्ति को हड़पने के लिए किया गया एक गहरा ब्रेनवॉश और सुनियोजित रैकेट मान रही हैं.

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'2007-8 से सीख रहा था, यूट्यूब और गूगल से हुआ प्रभावित'- आयुष उर्फ मोहम्मद अली

आयुष ने स्वीकार किया कि उसे शोल्डर इंजरी (लिगामेंट टियर) थी, जिसके इलाज के लिए वह फिजियोथेरेपी कराने जाता था. वहीं उसका संपर्क चांदनी कुरैशी से हुआ, जो एक मुसलमान है. आयुष ने बातचीत में दावा किया, "धर्म परिवर्तन कहीं बाहर नहीं होता, यह अंदर से होता है. इसमें किसी मौलवी का काम नहीं होता कि कोई मौलवी आपका निकाह पढ़ाएगा या धर्म परिवर्तन कराएगा. अगर आप सीखने के काबिल हैं तो खुद से सीखें."

आयुष ने बताया कि वह यूट्यूब पर पूरी दुनिया के मोटिवेशनल स्पीकर्स और विचारकों को सुनता था, जिनमें पाकिस्तानी मौलाना डॉ. इसरार अहमद के वीडियो प्रमुख थे. उसने कहा कि वह नबी पाक और इस्लाम की बातों से प्रभावित हुआ.

शुरुआत कैसे हुई, इस पर बात करते हुए आयुष ने एक वाकया साझा किया कि एक बार जब उसका बीपी (ब्लड प्रेशर) बढ़ा और हाथ कांपने लगे, तो यूट्यूब पर किसी ने 'कुल हुवल्लाह' पढ़ने की सलाह दी, जिससे उसे ताकत महसूस हुई. इसके बाद उसने धीरे-धीरे यूट्यूब के एल्गोरिदम और सजेस्टेड वीडियो के जरिए इस्लाम की 10 में से 10 बातें अपनी जिंदगी में अपना लीं.

4 साल पहले हुआ था निकाह 

आयुष ने अल्हम्दुलिल्लाह कहते हुए यह भी स्वीकार किया कि उसका चार साल पहले ही निकाह हो चुका है. हालांकि वह यह भी कहता है कि उसके कागजातों में अभी भी उसका नाम आयुष मलिक ही है.

करोड़ों की संपत्ति पर नजर? 

एक तरफ जहां आयुष खुद को पूरी तरह से इस्लाम के प्रभाव में बता रहा है, वहीं यूपी Tak तक की टीम शामली के उसी मेडिकल स्टोर पर पहुंची जहां फिलहाल आयुष उर्फ मोहम्मद अली रहता है. आयुष मलिक के पिता शामली के सबसे रईस व्यक्तियों में शुमार किए जाते हैं. जिस दुकान पर यह परिवार थोक (होलसेल) दवाओं का काम करता है, उसका नाम 'भारत मेडी शॉप' है. इस अकेले मेडिकल स्टोर की बाजार कीमत 20 करोड़ से ज्यादा मानी जा रही है. इस जैसी कई अन्य बेशकीमती संपत्तियां इस परिवार के पास हैं, जिनकी कुल वर्थ ₹100 करोड़ से अधिक की बताई जा रही है.

आयुष का आरोप है कि उसके ऊपर वापस हिंदू बनने का दबाव बनाया जा रहा है और उसके इन-लॉस को प्रताड़ित किया जा रहा है कि उन्होंने यह सब कराया है. आयुष ने चांदनी कुरैशी और उसके परिवार का बचाव करते हुए कहा कि उनका संपत्ति को लेकर कोई मसला नहीं है और यह आरोप गलत हैं.

डी-रेडिकलाइज करना बड़ी चुनौती, मौलवी फरार

शामली पुलिस और यूपी एटीएस (UP ATS) की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं:

फर्जी निकाहनामा और सोची-समझी साजिश: पुलिस की तहकीकात के अनुसार, इस बेशकीमती प्रॉपर्टी को किसी भी तरह से अपने कब्जे में लेने के लिए पहले आयुष मलिक का धीरे-धीरे ब्रेनवॉश किया गया और फिर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया. जांच में यह भी बात सामने आई है कि इस पूरे मामले के लिए एक फर्जी निकाहनामा भी तैयार किया गया था, जिसे चांदनी कुरैशी और उसके परिवार ने मिलकर अंजाम दिया.

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, मौलवी फरार: इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. हालांकि, इस रैकेट से जुड़े कुछ मौलवी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर और फरार चल रहे हैं.

SIT की कड़ाई: शामली पुलिस प्रशासन का मानना है कि जब किसी का इस स्तर पर ब्रेनवॉश कर दिया जाता है, तो उसे दोबारा डी-रेडिकलाइज (नॉर्मल लाइफ में लाना) करना बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण होता है. मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई एसआईटी (SIT) और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू पर बारीकी से काम कर रही हैं ताकि इस सुनियोजित रैकेट की तह तक पहुंचा जा सके.