मुख्तारवादी... बाहुबली मुख्तार अंसारी के साथ अपने संबंधों पर ये सब क्या बोल गए ओम प्रकाश राजभर!

यूपी तक

• 09:06 AM • 10 Sep 2025

उत्तर प्रदेश के प्रमुख ओबीसी नेता और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने यूपी Tak के एक पॉडकास्ट में यूपी के बाहुबलियों पर खुलकर बात की है.

OP Rajbhar

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उत्तर प्रदेश के प्रमुख ओबीसी नेता और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने यूपी Tak के एक पॉडकास्ट में यूपी के बाहुबलियों पर खुलकर बात की है. राजभर ने माफिया डॉन मुख्तार अंसारी से अपने पुराने संबंधों को स्वीकार करते हुए साफ कहा है कि उनके मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह जैसे पूर्वांचल के कद्दावर बाहुबलियों से अच्छे संबंध रहे हैं. राजभर ने कहा कि राजनीति में वोट महत्वपूर्ण होता है और विभिन्न चुनावों जैसे प्रमुखी, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधानसभा या संसदीय चुनाव के लिए सभी पक्षों से संपर्क रहता है क्योंकि "वोट वाले नेता को सलाम करना ही पड़ता है".  राजभर का यह बयान मऊ सदर विधानसभा सीट के संदर्भ में आया है, जहां मुख्तार अंसारी का परिवार लंबे समय से प्रभाव रखता रहा है. 

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मुख्तार से जेल में मिले थे राजभर

राजभर ने बताया कि मुख्तार अंसारी को "मुख्तारवादी" कहने वाले लोग आज भी मौजूद हैं. उनके मुताबिक मुख्तार के समर्थकों में राजपूत, ब्राह्मण, भूमिहार, यादव, राजभर, पटेल, मुसलमान और चौहान जैसे हर तबके से आते हैं. राजभर ने स्वीकार किया कि मुख्तार अंसारी जेल में थे तो वह मिलने जाते थे. जेल में बंद बृजेश सिंह से भी राजनीतिक कारणों से मुलाकात हुई. राजभर ने कहा कि राजनीति में समीकरण, सीट समझौते और गठबंधन के चलते ऐसे संपर्क बनते हैं. 

पॉडकास्ट में राजभर ने ये भी साफ किया कि वर्तमान में एनडीए गठबंधन का हिस्सा होने की वजह से मुख्तार अंसारी के परिवार को उनकी पार्टी से उम्मीदवार नहीं बनाया जा सकता. पिछले चुनाव में भी उनका (राजभर का) सिंबल समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट को दिया गया था, असल निर्णय पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव का ही था. मऊ सदर सीट पर जातिगत समीकरणों और मुख्तार के प्रभाव की चर्चा भी राजभर ने विस्तार से की, साथ ही यह भी स्वीकार किया कि राजनीति में “कुछ भी असंभव नहीं है”.

यहां नीचे देखिए ओम प्रकाश राजभर के साथ हुआ ये पूरा पॉडकास्ट.