UP News: लखनऊ में हुए मानवेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड ने सभी को हिला कर रख दिया है. मानवेंद्र सिंह के बेटे अक्षत ने जिस तरह से अपने पिता को मारा है, उसने लोगों का दिल दहला दिया है. अक्षत की निर्ममता देखकर हर कोई कांप गया है. हैरानी की बात ये भी है कि अक्षत ने क्लास-11 में पढ़ने वाली अपनी नाबालिग बहन कृति के सामने ही अपने पिता को घटना वाली रात गोली मारी थी. घटना की जानकारी मानवेंद्र सिंह की बेटी को भी थी. मगर 4 दिनों तक वह भी चुप रही. बता दें कि अब इसी को लेकर डीसीपी सेंटर विक्रम वीर का बयान सामने आया है. उन्होंने इस घटना की पूरी जानकारी दी है.
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मानवेंद्र सिंह केस में क्या-क्या हुआ? पहले डीसीपी से जानिए
डीसीपी सेंट्रल विक्रम वीर के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट आशियाना थाना में 20 फरवरी को दर्ज कराई गई थी. 23 फरवरी को जब उनके बेटे अक्षत प्रताप से पूछताछ हुई तो पूरा मामला खुलकर सामने आया. उसने ही अपने पिता का कत्ल किया था. अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से अपने पिता के कत्ल कर दिया था.
डीसीपी सेंटर विक्रम वीर ने आगे बताया, अक्षत ने अपना जुर्म कबूल किया है. अक्षत ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी. ऑनलाइन उसने चाकू मंगाया, लेकिन उससे बॉडी कट नहीं कर पाई. इसके बाद वह दुकान से आरी लेकर आया फिर पिता की बॉडी काटी.
धड़ रखा था नीले ड्रम में
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, नीला ड्रम घर पर ग्राउंड फ्लोर पर था. धड़ को नीले ड्रम में रखा था और हाथ और पैर को प्लास्टिक की पन्नी में रख बाहर जाकर फेंका दिया था. पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है.
पुलिस अधिकारी ने इस दौरान अक्षत की नाबालिग बहन को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि मामले को लेकर उससे भी पूछताछ की जाएगी.
आपको बता दें कि अक्षत की नाबालिग बहन का कहना है कि घटना के बाद वह काफी डर गई थी और वह फिर ऊपर आई ही नहीं. माना जा रहा है कि अक्षत ने अपनी बहन को धमकाया था. फिलहाल पुलिस अब मामले में मृतक की नाबालिग बेटी से भी पूछताछ कर सकती है.
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