UP News: स्वच्छता और हरित ऊर्जा की दिशा में लखनऊ ने एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाया है. शहर को साफ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की मुहिम अब और तेज होने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ नगर निगम के कूड़ा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए 250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को हरी झंडी दिखाकर एक नई शुरुआत की. इस पहल को न सिर्फ स्वच्छता अभियान को नई ताकत देने वाला कदम माना जा रहा है, बल्कि इसे प्रदेश को ग्रीन और स्मार्ट सिटी की दिशा में आगे बढ़ाने की बड़ी पहल भी बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बीते 9 वर्षों में लखनऊ और प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर कूड़ा प्रबंधन, आधुनिक तकनीक और हरित ऊर्जा के प्रयोग से प्रदेश ने नई ऊंचाइयों को छुआ है.
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250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को मुख्यमंत्री ने किया फ्लैग ऑफ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 अप्रैल 2026 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास से लखनऊ नगर निगम के बेहतर कूड़ा प्रबंधन और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए पर्यावरण अनुकूल हरित ऊर्जा से संचालित 250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को फ्लैग ऑफ किया. इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्माण के 9 वर्षों में स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में लखनऊ नगर निगम ने देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है. उन्होंने कहा कि यह सफलता डबल इंजन सरकार के प्रयासों और कूड़ा-कचरे के बेहतर प्रबंधन का परिणाम है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम नेट जीरो और न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय पहल है.
प्रदेश में बदली गईं 16 लाख LED स्ट्रीट लाइटें
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्ट्रीट लाइटें हैलोजन की होती थीं, जो पीली और अलग-अलग रंग की होती थीं और अधिक ऊर्जा की खपत करती थीं. इन लाइटों के कारण गंदगी और कीड़े-मकोड़ों की समस्या भी बनी रहती थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से वर्ष 2017 के बाद प्रदेश सरकार ने तय किया कि बिना भेदभाव 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक समान और बेहतर LED लाइटें लगाई जाएं.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप पूरे प्रदेश में 16 लाख LED स्ट्रीट लाइटें बदली गईं. भारत सरकार की संस्था EESL द्वारा इन लाइटों को लगाया गया और उनके 5 वर्षों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी इसी संस्था को दी गई. नगर निगमों द्वारा स्पायरल लाइट लगाने की पहल से शहरों की सुंदरता भी बढ़ी है और आज लखनऊ की सड़कों की सराहना हर आने वाला व्यक्ति करता है.
9 वर्षों में लखनऊ ने विकास की नई ऊंचाइयां छुईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लखनऊ में सफाई और सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं थी, लेकिन पिछले 9 वर्षों में शहर ने स्वच्छता रैंकिंग के साथ-साथ विकास के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं. उन्होंने बताया कि लखनऊ का दायरा बढ़ा है और यहां मेट्रो का संचालन, सड़कों का चौड़ीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है. इससे शहरवासियों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है.
उन्होंने कहा कि आज लखनऊ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में स्थापित हो चुका है. प्रदेश के 17 नगर निगमों और नोएडा को मिलाकर कुल 18 नगर निकायों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़कर CCTV से कवर किया गया है और अब इन नगर निकायों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है.
सोलर ऊर्जा को बढ़ावा, लाखों घरों में लगे रूफटॉप पैनल
मुख्यमंत्री ने बताया कि सूर्यवंशी प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है और उसी तर्ज पर लखनऊ में भी सोलर पैनल लगाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रदेश में 4 लाख 25 हजार से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जिससे लगभग 1500 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है. इससे लोगों के बिजली बिल आधे से कम हो गए हैं और उन्हें स्वच्छ व ग्रीन ऊर्जा मिल रही है. उन्होंने बताया कि अयोध्या में 40 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगाया गया है, जिससे वहां की लाइटें सोलर ऊर्जा से संचालित होती हैं.
प्रदेश के सात शहरों में चल रही मेट्रो सेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के सात शहरों लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो का संचालन हो रहा है. उन्होंने बताया कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधाओं के कारण यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है.
लखनऊ में प्रतिदिन लगभग 1 लाख लोग मेट्रो से यात्रा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और प्रदेश सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है.
इलेक्ट्रिक बस और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरों में सिटी बस सेवा को इलेक्ट्रिक बस सेवा में बदलने का कार्य कर रही है और सैटेलाइट सिटी को भी इलेक्ट्रिक बस सेवा से जोड़ने की योजना बनाई गई है.
उन्होंने बताया कि लखनऊ में अशोक लेलैंड द्वारा इलेक्ट्रिक बस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू हो चुकी है और आगामी 15 अप्रैल को टाटा की ऑटोमोबाइल यूनिट में बस, ट्रक और इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा.
बेहतर कूड़ा प्रबंधन से बीमारियों पर लगा अंकुश
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था बेहद कमजोर थी, जिसके कारण इन्सेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया और फाइलेरिया जैसी बीमारियां फैलती थीं. उन्होंने कहा कि बेहतर कूड़ा प्रबंधन के कारण इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है और देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है.
गोमती और कुकरैल नदी पुनरुद्धार पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती नदी के पुनरुद्धार कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है. लखनऊ की कुकरैल नदी पर अवैध कब्जे हटाकर लक्ष्मण जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से सौमित्र वन की स्थापना की गई है, जो अब एक स्वच्छ और आकर्षक सिटी वन के रूप में विकसित हो रहा है.
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम को नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह, राम चंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, डॉ लाल जी प्रसाद निर्मल, विधायक डॉ नीरज बोरा, जय देवी और अमरेश कुमार सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
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