क्या लोध राजपूत विधानसभा चुनाव में बिगाड़ देंगे भाजपा का खेल, नाराजगी की क्या वजह निकलकर सामने आई?

UP News: आज का यूपी शो में लोध वोट बैंक की नाराजगी और साक्षी महाराज के बयान से गरमाई सियासत पर चर्चा की गई. साथ ही जानलेवा हमले के बाद एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तविक की घर वापसी और विपक्ष के PDA नारे की रणनीति का विश्लेषण किया गया.

कुमार अभिषेक

• 10:38 AM • 02 Apr 2026

follow google news

UP News: यूपी Tak का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का सटीक विश्लेषण लेकर आता है, जिसमें हम हर दिन राज्य की तीन बड़ी खबरों का गहरा विश्लेषण करते हैं. आज के अंक में सबसे पहले हम चर्चा करेंगे भाजपा के सबसे वफादार लोध वोट बैंक में पनप रही नाराजगी और सांसद साक्षी महाराज के उन बयानों की, जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. दूसरी बड़ी खबर में हम आपको दिखाएंगे एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तविक का हाल, जो जानलेवा हमले के बाद अस्पताल से सुरक्षित घर लौट आए हैं और उनकी आवाज भी वापस लौट आई है. अंत में, हम विश्लेषण करेंगे कि कैसे विपक्षी दल पीडीए (PDA) के नारे के जरिए भाजपा के इस पारंपरिक आधार में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं. 

यह भी पढ़ें...

क्या भाजपा से छिटक रहा है लोध वोट बैंक? 

उत्तर प्रदेश में भाजपा का आधार माने जाने वाले ओबीसी वर्ग की लोध बिरादरी में इन दिनों भारी नाराजगी देखी जा रही है. लोध वह जाति है जो कल्याण सिंह के दौर से लेकर अब तक भाजपा के साथ एक चट्टान की तरह खड़ी रही है. लेकिन हालिया घटनाक्रम और सांसद साक्षी महाराज के बयानों ने संकेत दिया है कि अब इस रिश्ते में दरार आ रही है. 

साक्षी महाराज ने यूपी Tak से बात करते हुए भावुक स्वर में कहा कि जिस समाज ने भाजपा को फर्श से अर्श तक पहुंचाया, आज उसे ही अपनी पहचान और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कासगंज (कल्याण सिंह का मूल निवास) में प्रशासन पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मूर्ति तक लगाने में रोड़े अटका रहा है. महाराज ने स्पष्ट किया कि लोध समाज महसूस कर रहा है कि सत्ता और संगठन में उन्हें वह 'सम्मानजनक साझेदारी' नहीं मिल रही है, जिसके वे हकदार हैं. 

भागीदारी की लड़ाई, महोबा से लेकर एटा तक बदल रहे समीकरण

लोधों की इस नाराजगी का असर 2024 के लोकसभा चुनावों में भी देखने को मिला है. फिरोजाबाद और एटा जैसी सीटों पर समाजवादी पार्टी ने सेंधमारी की है. महोबा की चरखारी सीट से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत का अपनी ही सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ सड़क पर भिड़ना इस असंतोष का जीता-जागता उदाहरण है. 

बिरादरी के नेताओं का मानना है कि भाजपा उन्हें वोट बैंक की तरह इस्तेमाल तो कर रही है, लेकिन जब बात प्रतिनिधित्व की आती है चाहे वह मंत्री पद हो, राज्यपाल की नियुक्ति हो या अन्य महत्वपूर्ण पद तो उन्हें पीछे छोड़ दिया जाता है. साक्षी महाराज ने यहां तक कहा कि यदि बहुसंख्यक वर्ग भी विपक्षी सुरों में बोलने लगा, तो भाजपा के लिए सत्ता की राह कठिन हो जाएगी. हालांकि उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह के प्रति अपनी व्यक्तिगत निष्ठा दोहराई, लेकिन समाज के विफकने का डर भी साफ तौर पर जाहिर किया.

हमले के बाद सलीम वास्तविक की घर वापसी, लौट आई आवाज, सुरक्षा हुई कड़ी

आज के शो की दूसरी बड़ी खबर 'एक्स-मुस्लिम' सलीम वास्तविक से जुड़ी है. लोनी के रहने वाले सलीम वास्तविक, जो इस्लाम की कुरीतियों के खिलाफ मुखर रहते हैं, पर हाल ही में दो भाइयों ने जानलेवा हमला कर उनका गला रेत दिया था. अस्पताल में लंबे इलाज के बाद सलीम अब अपने घर लौट आए हैं. 

सबसे सुखद बात यह है कि हमले की गंभीरता को देखते हुए माना जा रहा था कि सलीम शायद अब कभी बोल नहीं पाएंगे, लेकिन उनकी आवाज वापस आ गई है. घर लौटने पर दासना के महंत यति महाराज ने उनसे मुलाकात की. सलीम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दो लोगों की करतूत ने पूरी कौम को बदनाम किया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी विचारधारा पर अडिग हैं. वर्तमान में उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो.

यह भी पढ़ें: 5 करोड़ की रंगदारी की डिमांड करने वाले 50 हजार के इनामी बदमाश मोंटी का मुरादाबाद में एनकाउंटर, पुलिस ने ऐसे किया अंत