UP News: कानपुर देहात के मूसा नगर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 मुर्शिदानगर के रहने वाले अहमद हाजी के 2 बेटे और 2 बेटियां थीं. उन्होंने अपनी बेटी रेशमा समेत सभी बच्चों का निकाह कर दिया था. मगर निकाह के कुछ साल बाद रेशमा का अपने पति से विवाद रहने लगा. ये देख पिता अहमद हाजी बेटी को घर ले आए. उन्हें बेटी के भविष्य की चिंता हुई तो उन्होंने 2 मकानों में से अपना 1 मकान बेटी के नाम कर दिया. उन्हें लगा कि उन्होंने मकान देकर अपनी बेटी को सुरक्षा दे दी है. मगर उन्हें इस बात का पता नहीं था कि ये मकान ही उनकी बेटी की जान ले लेगा. अहमद हाजी की मौत के बाद यहां रिश्तों में खून बहा दिया गया.
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रेशमा को मार डाला गया
पिता की मौत के बाद रेशमा अपने भाइयों की आंखों में खटकने लगी. दोनों भाई अपनी बहन से नफरत करने लगे. उन्हें लगता था कि रेशमा के चक्कर में एक पूरा मकान उनके हाथ से निकल गया. ये नफरत लगातार बढ़ती चली गई. बता दें कि उसके 2 भाइयों ने ही उसे मार डाला है. भाइयों ने ही अपनी बहन रेशमा की हत्या कर दी है.
भाइयों से डर रही थी वो
मृतका की बड़ी बहन सीमा ने बताया, रेशमा अक्सर भाइयों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात कहती थी. सीमा के मुताबिक, दोपहर 4 बजे भी उसकी रेशमा से बात हुई थी. तब भी वह डरी हुई थी और भाइयों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा रही थी.
बताया जा रहा है कि जमीन को लेकर दोनों भाइयों से उसका विवाद हो रहा था. उसी दौरान लोहे की रोड से हमलावर दोनों भाइयों ने रेशमा पर वार करना शुरू कर दिया और उसकी मौत हो गई.
पुलिस ने ये बताया
इस पूरे मामले को लेकर सौरभ वर्मा (सीओ भोगनीपुर,कानपुर देहात) ने बताया, 35 साल की रेशमा की हत्या उसके भाइयों ने की है. मृतक की बहन की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है.
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